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जांजगीर-चांपा, 14 अगस्त (हि. स.)। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रदेशवासियों को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए ‘साइबर जागृति अभियान’ शुरू किया है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस सात सप्ताह के प्रदेशव्यापी अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक और सुरक्षित बनाना है।
अभियान की मुख्य थीम ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ रखी गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी लिंक या क्यूआर कोड को स्कैन कर लोग जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर ले सकेंगे। इसके बाद इस सेल्फी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर सकेंगे। पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से लाखों लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।
जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार काे पत्रकारवार्ता के दौरान अभियान की लिंक और क्यूआर कोड जारी कर इसकी शुरुआत की। उन्होंने स्वयं अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। इस दौरान उन्होंने जिलेवासियों को अभियान के उद्देश्य और इसकी गतिविधियों की जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, संस्थानों के पदाधिकारियों और सदस्यों, गणमान्य नागरिकों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स और कलाकारों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में जनभागीदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट हुए थे, उसी तरह साइबर अपराध के खिलाफ भी सभी को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। उन्होंने आम लोगों से ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ लेकर उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने और साइबर अपराध रोकने में जांजगीर-चांपा पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ पुलिस के इस अभियान के तहत सात सप्ताह तक अलग-अलग वर्गों को ध्यान में रखते हुए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पहले सप्ताह में स्कूल और कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और बुनियादी साइबर सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया जाएगा। दूसरे सप्ताह में बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी और यूपीआई सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
तीसरे सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव को लेकर टाउन हॉल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चौथे सप्ताह में महिला कॉलेजों और सामुदायिक समूहों के बीच स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
पांचवें सप्ताह में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचने के लिए रोजगार कार्यालयों, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। छठे सप्ताह में डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के सातवें और अंतिम सप्ताह में ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ का संकल्प अभियान चलाया जाएगा। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन ‘साइबर जागृति अभियान’ का औपचारिक समापन होगा।
जांजगीर-चांपा जिला पुलिस द्वारा अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्कों और बाजारों में पोस्टर एवं बैनर लगाए जाएंगे। इनमें क्यूआर कोड के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा जिला पुलिस और राज्य पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स तथा व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए भी अभियान की लिंक साझा कर अधिक से अधिक लोगों को सेल्फी लेने और सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है। ‘साइबर जागृति अभियान’ के जरिए बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, कारोबारियों और आम नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान का लक्ष्य जनभागीदारी के जरिए छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध के प्रति अधिक जागरूक और सुरक्षित बनाना है।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT