Enter your Email Address to subscribe to our newsletters


हरिद्वार/ऋषिकेश, 10 अगस्त (हि. स.)। भारत को वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने और देश को खेल महाशक्ति बनाने के संकल्प के साथ खेल मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को हरिद्वार से 22 किलोमीटर लंबी विशेष कांवड़ यात्रा शुरू की। हर की पौड़ी पर पूजा-अर्चना के बाद सुबह सात बजे गंगाजल उठाकर शुरू हुई यात्रा भारी बारिश के बीच ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर तक पहुंची।
यात्रा में हजारों खिलाड़ी, एथलीट, युवा, महिलाएं, खेल प्रेमी और आम नागरिक शामिल हुए। ‘हर-हर महादेव’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय देवभूमि’ के जयघोष से हरिद्वार से ऋषिकेश तक का मार्ग गूंजता रहा। बारिश के बावजूद जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और बैंड के साथ यात्रा का स्वागत किया।
रेखा आर्या एक दिन पहले ही हरिद्वार पहुंच गई थीं। सोमवार सुबह हर की पौड़ी पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी मिलने और देश को खेलों में विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने का संकल्प लिया। यात्रा में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज का भी सानिध्य रहा।
हर की पौड़ी से यात्रा शुरू होते ही तेज बारिश शुरू हो गई। इसके बावजूद खेल मंत्री और उनके साथ चल रहे खिलाड़ियों एवं युवाओं ने यात्रा जारी रखी। रेखा आर्या ने कहा कि जब लक्ष्य देश से जुड़ा हो और संकल्प भारत के भविष्य से जुड़ा हो तो परिस्थितियां कदम नहीं रोक सकतीं। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं को खेलों से जोड़ने और भारत को खेलों की दुनिया में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प की यात्रा है।
22 किलोमीटर की यात्रा के दौरान लगभग हर पांच किलोमीटर पर चार प्रमुख पड़ाव बनाए गए। इन स्थानों पर स्थानीय लोगों, खिलाड़ियों, युवाओं और खेल प्रेमियों ने यात्रा का स्वागत किया। कई जगह ढोल-नगाड़ों और बैंड की धुन पर लोग नृत्य करते हुए यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा के तीसरे पड़ाव के बाद निर्धारित समय-सारिणी बनाए रखने के लिए रेखा आर्या करीब 20 मिनट रुकीं। यात्रा को शाम करीब चार बजे वीरभद्र मंदिर पहुंचने के लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ाया गया।
हर की पौड़ी से लिया गया गंगाजल ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर में भगवान शिव को अर्पित किया गया। जलाभिषेक के दौरान भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी मिलने और देश को खेलों में विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने का संकल्प दोहराया गया।
खेल मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से खिलाड़ियों को शिक्षा, प्रशिक्षण और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाओं का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
रेखा आर्या ने कहा कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी का संकल्प केवल किसी एक शहर का नहीं, बल्कि पूरे देश का सपना है। उत्तराखंड भी इस राष्ट्रीय संकल्प में अपनी भूमिका निभाएगा।
22 किलोमीटर की इस यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ खेल चेतना और राष्ट्रभक्ति का संदेश देखने को मिला। खेल मंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करते हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
भारी बारिश के बीच भी यात्रा में लोगों का उत्साह बना रहा। हरिद्वार से ऋषिकेश तक कांवड़ यात्रा में उमड़ी भागीदारी ने इसे धार्मिक आस्था के साथ खेलों और राष्ट्रीय संकल्प से जुड़ा आयोजन बना दिया।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय