Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

शाजापुर, 10 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी है। रविवार और सोमवार को हुई वर्षा ने जहां लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को राहत दी, वहीं शाजापुर जिले में यह बारिश आफत बनकर सामने आई। सोमवार को जिलेभर में हुई मूसलाधार वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
जानकारी के अनुसार, महज आठ घंटे के दौरान छह इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई। भारी वर्षा के चलते शहर के निचले इलाकों, प्रमुख मार्गों और कई शासकीय परिसरों में जलभराव हो गया। सुबह करीब आठ बजे भाजपा कार्यालय के सामने स्थित नाला उफान पर आ गया, जिससे मुख्य मार्ग पर तेज बहाव शुरू हो गया और आवागमन प्रभावित हो गया।
राधा पेट्रोल पंप के समीप शहरी राजमार्ग पर भी भारी जलभराव की स्थिति बनी रही। सड़क पर पानी भर जाने से वाहन चालकों को आवाजाही में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
वर्षा का सबसे अधिक असर दूधाना स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को मिला। सुबह लगभग 10 बजे केंद्र परिसर में पानी घुस गया, जिससे वहां रखे चिकित्सा उपकरण, मशीनें तथा महत्वपूर्ण अभिलेख जलमग्न हो गए। ग्राम पंचायत दूधाना के सरपंच राकेश जायसवाल ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसे ध्वस्त करने का प्रस्ताव पूर्व में भेजा जा चुका था, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से यह स्थिति निर्मित हुई।
मोहन बड़ोदिया क्षेत्र की पड़ाव कॉलोनी में भी हालात गंभीर रहे। नलखेड़ा मार्ग पर समुचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण वर्षा का पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया। अनेक परिवारों को घरों के भीतर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है।
मौसम वैज्ञानिक सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार जिले में 14 अगस्त तक रुक-रुक कर तेज वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। कलेक्टोरेट की वर्षा रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक औसतन 16.40 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है। आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा