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मुंबई, 10 अगस्त (हि.स.)। नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर वर्धा जिले के पास हाल ही में एक ट्रेलर चालक और आरटीओ अधिकारियों से हुई नोंकझोंक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ट्रेलर चालक के समर्थन में ट्रांसपोर्टर व अन्य ट्रक ड्राइवर उतर गए हैं। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने इस मामले में तत्काल महाराष्ट्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है.
आरटीओ अधिकारियों से नाराज होकर ट्रेल चालक ने हाइवे जाम कर दिया था. इससे मुंबई जाने वाली लेन करीब एक घंटे तक अवरुद्ध रही। संगठन के सलाहकार बाल मलकीत सिंह ने कहा कि यह घटना ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों में बढ़ते असंतोष का गंभीर संकेत है। हम हाइवे को अवरुद्ध करने या कानून अपने हाथ में लेने का समर्थन नहीं करते। लेकिन सरकार को यह भी समझना होगा कि एक ड्राइवर को ऐसा कदम उठाने के लिए किन परिस्थितियों ने मजबूर किया। अन्य ड्राइवर उसके समर्थन में क्यों खड़े हुए। यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि बढ़ते असंतोष का संकेत है। ई-चालान, प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप, वाहन खराब होने पर चालान, पार्किंग सुविधाओं, हाईवे सुरक्षा और अन्य लंबित मुद्दों को लगातार सरकार के समक्ष उठाया गया है। ई-चालान के लिए तकनीक उपलब्ध है, फिर हाईवे पर अनावश्यक मैनुअल हस्तक्षेप क्यों? वास्तविक ब्रेकडाउन और आपात स्थिति में फंसे वाहन को पहले सहायता मिलनी चाहिए, केवल चालान नहीं।
सिंह ने याद दिलाया कि साल 2023 में हिट एंड रन कानून को लेकर ड्राइवरों की आशंकाओं को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया। इसकी वजह से देशव्यापी आंदोलन हुआ। बाद में गृह मंत्रालय के साथ बातचीत और लिखित आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। आज भी ई-चालान कमेटी की सिफारिशों का क्रियान्वयन, सुरक्षित ट्रक पार्किंग, जिला-वार ट्रक टर्मिनल, हाईवे पेट्रोलिंग, ब्रेकडाउन सहायता, बॉर्डर चेक पोस्ट सहित कई मुद्दे लंबित हैं। बढ़ती डीजल दर, टायर, बीमा, टोल और अन्य लागतों के बीच मालभाड़े में पर्याप्त वृद्धि नहीं हुई है। हम टकराव नहीं, समाधान चाहते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार