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नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने शिवसेना उद्धव गुट के छह सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मान्यता देने के लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दिया है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने पाया कि लोकसभा सचिवालय को अभी तक नोटिस तामील नहीं हुई है। उसके बाद कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दिया। इसके पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया था। शिवसेना उद्धव गुट की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने उसकी पार्टी के छह सांसदों को दूसरी प्रतिद्वंद्वी पार्टी में विलय को मान्यता दे दी है। ये एक संवैधानिक मसला है। लोकसभा अध्यक्ष ने 18 जुलाई को शनिवार रात में इस विलय को मान्यता दी। छह सांसदों के विलय होने के बाद शिंदे गुट के पास सांसदों की संख्या 13 हो गई है। स्पीकर के इस फैसले की वजह से संसद में पार्टी के कामकाज में बाधा आ रही है।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी