Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

लखनऊ , 10 अगस्त (हि.स.)। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न छात्रावासों की मेस फीस में भारी वृद्धि कर दी गई है। साथ ही मेस फीस भुगतान के लिए दो किश्ताें की सुविधा को खत्म कर एकमुश्त भुगतान करने का निर्णय लिया है। इसके खिलाफ छात्रावास के छात्रों ने साेमवार काे छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय के सामने जोरदार नारेबाजी के साथ धरना-प्रदर्शन किया और अधिकारियाें काे ज्ञापन साैंपा।
छात्रों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष छात्रावासों की मेस फीस में काफी वृद्धि कर दी गई है। साथ ही फीस भुगतान को दो किश्ताें के बजाय एक साथ भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है। पहले मेस की फीस 37,310 रुपये प्रति छात्र प्रतिवर्ष थी, जिसे अब बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति छात्र प्रतिवर्ष कर दी गयी है।
इसी के साथ छात्रों को छात्रावास आवंटित किए बिना तीन सप्ताह पहले से ही कक्षाओं का संचालन कर दिया गया है। छात्रों का आरोप है कि यह विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान करने की सोची-समझी साजिश है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो और वे पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएं।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने ज्ञापन मुख्य कुलानुशासक राकेश द्विवेदी और मुख्य छात्रावास अधीक्षक आशीष अवस्थी को सौंपा। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया है कि उच्च अधिकारियों से चर्चा-परिचर्चा कर दो दिनों के भीतर समाधान किया जाएगा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि दो दिनों के अंदर सम्मानजनक फैसला नहीं लिया गया तो इससे बड़ा धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हाेंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह