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जयपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जगतपुरा स्थित गुप्त वृंदावन धाम में श्री राधा-श्यामसुंदर जी के विग्रह निर्माण के लिए चयनित शिलाओं का वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया। मंदिर अध्यक्ष अमितासना दास ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। शिला पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के दर्शन कर महाआरती की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुप्त वृंदावन धाम राजस्थान की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
श्री राधारानी के विग्रह के लिए मकराना के उच्च गुणवत्ता वाले महीन दानेदार सफेद संगमरमर तथा भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह के लिए पावटा के निकट भैंसलाना की प्राचीन खदानों से प्राप्त कृष्णवर्णीय पत्थर का चयन किया गया है। पांडे मूर्ति भंडार की ओर से इन उपयुक्त शिलाओं की करीब 7-8 वर्षों तक तलाश की गई। चयन के बाद शिलाओं को गुप्त वृंदावन धाम में सुरक्षित रखा गया था। शिला पूजन के साथ अब विग्रह निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
हरे कृष्ण मूवमेंट, जयपुर की ओर से करीब 6 एकड़ भूमि पर गुप्त वृंदावन धाम का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर का उद्घाटन 12 मई 2027, अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रस्तावित है। परिसर में सनातन संस्कृति, वैदिक ज्ञान और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ी गतिविधियां होंगी।
17 मंजिला धाम में 180 फीट लंबी और 108 फीट चौड़ी विशाल कमान छतरी होगी, जिस पर प्रोजेक्शन मैपिंग से भगवान की लीलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। करीब 70 फीट ऊंचा मुख्य प्रवेश द्वार राजस्थानी स्थापत्य शैली पर आधारित होगा और इसमें 108 मयूरों का कलात्मक स्वरूप होगा।
परिसर में 25 हजार वर्गफीट का दर्शन हॉल, 14 प्रेजेंटेशन रूम, ऑडियो-विजुअल थिएटर और वैदिक म्यूजियम भी विकसित किए जाएंगे। धाम को ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर तैयार किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार गुप्त वृंदावन धाम से जयपुर और राजस्थान के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश