कोलकाता-हावड़ा में बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों की जांच का हाई कोर्ट ने दिया आदेश
कोलकाता, 10 अगस्त (हि. स.)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को स्कूल शिक्षा आयुक्त को कोलकाता और हावड़ा में संचालित उन निजी स्कूलों की संख्या का पता लगाने के लिए जांच करने का निर्देश दिया, जो निजी परिसरों से बिना संबद्धता और मान्यता के चल रहे हैं। अदाल
कलकत्ता हाई कोर्ट


कोलकाता, 10 अगस्त (हि. स.)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को स्कूल शिक्षा आयुक्त को कोलकाता और हावड़ा में संचालित उन निजी स्कूलों की संख्या का पता लगाने के लिए जांच करने का निर्देश दिया, जो निजी परिसरों से बिना संबद्धता और मान्यता के चल रहे हैं। अदालत ने यह भी पता लगाने को कहा कि ऐसे स्कूलों को जिला विद्यालय निरीक्षक से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बावजूद वे किस तरह संचालित हो रहे हैं।

न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने यह आदेश हावड़ा स्थित तौहीद इंटरनेशनल स्कूल एंड वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। संबंधित स्कूल को असुरक्षित परिस्थितियों में संचालित किए जाने के आरोप में अधिकारियों ने बंद करा दिया था।

अदालत ने स्कूल शिक्षा आयुक्त को कोलकाता और हावड़ा में ऐसे सभी निजी स्कूलों की स्थिति की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट 10 सितंबर तक मामले से जुड़े सभी पक्षों के बीच प्रसारित करने को कहा गया है। मामले पर अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के उप सचिव से सत्यापित रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि मामले से संबंधित आधिकारिक पत्राचार की प्रतियां निजी पक्षों को किस तरह भेजी गईं।

अदालत ने विभाग के उप सचिव से यह भी स्पष्टीकरण मांगा कि विभागीय फाइल में की गई आधिकारिक टिप्पणियां उस व्यक्ति तक कैसे पहुंचीं, जिसने मामले में अतिरिक्त पक्ष के रूप में शामिल होने की मांग की थी। अदालत के समक्ष संबंधित व्यक्ति ने 16 जून के एक आधिकारिक पत्र की प्रति भी संलग्न की थी, जिसमें संबंधित निजी स्कूल के खिलाफ मिली तीन शिकायतों पर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई थी।

स्कूल को बंद किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि संस्थान में कुल 381 विद्यार्थी पढ़ते हैं और यहां कनिष्ठ कक्षाओं से लेकर आठवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है।

स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि तीन जून को कुछ लोग हावड़ा के जिलाधिकारी कार्यालय से होने का दावा करते हुए स्कूल पहुंचे और परिसर पर जबरन ताला लगा दिया।

स्कूल प्रबंधन ने कहा कि उन्हें स्कूल बंद किए जाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। इसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई और उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था करनी पड़ी।

वहीं, हावड़ा के जिला विद्यालय निरीक्षक (माध्यमिक शिक्षा) की ओर से स्कूल शिक्षा आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया कि स्कूल परिसर में असुरक्षित परिस्थितियों के बीच संस्थान का संचालन हो रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, जिला विद्यालय निरीक्षक ने मुख्य रूप से सुरक्षा संबंधी चिंताओं को स्कूल बंद किए जाने का आधार बताया था।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर