बिहार के मुखियाओं को भाया मीरजापुर का 'मॉडल गांव', विकास कार्यों की जमकर की सराहना
- असुरैन तालाब और आधुनिक पंचायत भवन बने आकर्षण का केंद्र मीरजापुर, 01 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के एक गांव की विकास यात्रा अब दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। शनिवार को बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की पहल पर बिहार के 35 ग्राम प्रधा
खोराडीह विद्यालय का अवलोकन करते बिहार के मुखिया।


- असुरैन तालाब और आधुनिक पंचायत भवन बने आकर्षण का केंद्र

मीरजापुर, 01 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के एक गांव की विकास यात्रा अब दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। शनिवार को बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की पहल पर बिहार के 35 ग्राम प्रधान (मुखिया) राजगढ़ विकास खंड के खोराडीह ग्राम पंचायत पहुंचे और यहां हुए विकास कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया।

अध्ययन भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आधुनिक पंचायत भवन, मिनी गार्डन, पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय, अमृत सरोवर, ओपन जिम, जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकसित स्वच्छता प्रबंधन तथा सेल्फी प्वाइंट का निरीक्षण किया। गांव की सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाओं और स्वच्छ वातावरण ने आगंतुकों को खासा प्रभावित किया। ऐतिहासिक असुरैन तालाब भी उनके आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।

ग्राम प्रधान महेश प्रसाद कोल ने प्रतिनिधिमंडल को खोराडीह के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ पंचायत में संचालित विकास योजनाओं और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी। बिहार से आए मुखियाओं ने कहा कि यहां के कई विकास मॉडल उनके गांवों में भी अपनाए जा सकते हैं।

भ्रमण के दौरान प्रधान प्रतिनिधि विनोद कुमार सिंह (कोन), नित्यानंद सिंह, अजय तिवारी, अजय यादव और धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम का समन्वय जनहित सांस्कृतिक कला केंद्र के रवि शर्मा और विवेक कुमार राय ने किया। बिहार से आए प्रतिनिधिमंडल में चांदनी कुमारी, सरिका सिंह, सोनी देवी, मोना भारती, संगीता कुमारी, संजय कुमार, प्रताप नारायण चौधरी सहित 35 ग्राम प्रधान शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा