'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत 35.5 लाख महिलाओं को मिली आर्थिक सहायता
-अब तक कुल लाभार्थियों की संख्या 68.5 लाख हुई-पंजाब में पहली बार महिलाओं को दोहरी पेंशन का लाभ पठानकोट, 01 अगस्त (हि.स.)। पंजाब सरकार ने शनिवार को ''मावां-धियां सत्कार योजना'' के तहत 35.5 लाख महिलाओं के बैंक खातों में वित्तीय सहायता राशि हस्तां
पंजाब के मुख्यमंत्री पठानकोट में आयोजित समारोह में महिलाओं का अभिवादन करते हुए


पठानकोट में आयोजित समारोह में भाग लेती महिलाएं


-अब तक कुल लाभार्थियों की संख्या 68.5 लाख हुई-पंजाब में पहली बार महिलाओं को दोहरी पेंशन का लाभ

पठानकोट, 01 अगस्त (हि.स.)। पंजाब सरकार ने शनिवार को 'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत 35.5 लाख महिलाओं के बैंक खातों में वित्तीय सहायता राशि हस्तांतरित की। इसके साथ ही योजना से लाभान्वित महिलाओं की कुल संख्या बढ़कर 68.5 लाख हो गई है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पठानकोट में आयोजित वित्तीय सहायता वितरण समारोह में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं से किए गए अपने वादे को पूरा कर रही है और यह योजना उनके सम्मान तथा आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत पंजाब की पात्र महिलाओं को जुलाई, अगस्त और सितंबर की तीन महीने की संयुक्त किस्त के रूप में 3,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को इसी अवधि के लिए 4,500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। वहीं विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को पहली बार उनकी पेंशन से अलग 1,000 अथवा 1,500 रुपये की सम्मान राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि एक जुलाई को सरकार ने 33 लाख महिलाओं के खातों में सहायता राशि भेजी थी, जबकि शनिवार को 35.5 लाख अन्य महिलाओं के खातों में यह राशि स्थानांतरित कर दी गई। जिन महिलाओं ने बाद में आवेदन किया है, उन्हें भी तीन महीने की पूरी किस्त एक साथ मिलेगी, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले सात दिनों में ही पांच लाख महिलाओं ने इस योजना के लिए पंजीकरण कराया है। इसके साथ ही कुल पंजीकरण 73.5 लाख तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में पात्र महिलाओं का पंजीकरण अभी भी जारी है और सरकार सभी पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने जनता से किए गए सभी प्रमुख वादों और गारंटियों को पूरा किया है। उन्होंने कहा, अब मैंने राज्य की माताओं और बहनों से किया अपना वादा भी निभा दिया है। यह आपका अपना पैसा है और इसे खर्च करने से पहले आपको किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।

समारोह से पहले की एक घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले एक महिला ने उन्हें राखी बांधी और कहा कि आज उसका भाई उसे शगुन देने आया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सभी नेता सामान्य परिवारों से आए हैं और जनता ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है। यह विश्वास ही सरकार को जनकल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि वे इस सहायता राशि का उपयोग अपनी आवश्यकता के अनुसार स्वतंत्र रूप से कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस धनराशि का इस्तेमाल बच्चों या पोते-पोतियों के लिए सामान खरीदने, शिक्षा शुल्क जमा करने, सामाजिक अवसरों पर शगुन देने अथवा किसी अन्य आवश्यक कार्य में किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

भगवंत मान ने कहा कि अब 73 लाख से अधिक माताओं और बहनों को इस योजना का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उनके अनुसार यह योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। राज्य सरकार का विश्वास है कि यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने में प्रभावी भूमिका निभाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा