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जयपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। आईपीओ में निवेश पर राशि दोगुनी करने का झांसा देकर 23 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपित फर्जी इंस्टीट्यूशनल अकाउंट खुलवा कर निवेश के नाम पर लोगों से रकम ऐंठता था। मामले में इससे पहले दो आरोपिताें की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ निवासी सुरेश सैनी ने 21 फरवरी 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसे व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर 'ऑप्शन एंड स्टॉक एक्सचेंज' नामक फर्जी निवेश ग्रुप से जोड़ा गया। इसके बाद आरोपिताें ने फर्जी इंस्टीट्यूशनल अकाउंट खुलवाकर आईपीओ में निवेश करने पर अधिक मुनाफा और राशि दोगुनी होने का लालच दिया।
झांसे में आकर परिवादी और उसके परिचितों ने यूपीआई, क्यूआर कोड और आरटीजीएस के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में करीब 23 लाख रुपये जमा करा दिए।
जांच में सामने आया कि आरोपित पहले व्हाट्सएप लिंक भेजकर लोगों को फर्जी निवेश ग्रुप में जोड़ते थे। इसके बाद फर्जी वेबसाइट पर निवेश खाता खुलवाकर ऑनलाइन पोर्टल पर काल्पनिक मुनाफा दिखाया जाता था, जिससे पीड़ितों का विश्वास जीत लिया जाता। जब निवेश की राशि बढ़ जाती तो रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर तुरंत अन्य खातों में भेज दी जाती और बाद में नकद निकासी, एटीएम तथा नेट बैंकिंग के माध्यम से निकाल ली जाती थी।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, केवाईसी दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल नंबरों की सीएएफ, सीडीआर तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि परिवादी द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से भेजे गए 5 लाख रुपये पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में जमा हुए थे, जिसका संचालन नागपुर निवासी निर्मल वर्मा कर रहा था।
पुलिस टीम नागपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से निर्मल वर्मा पुत्र नरोत्तम वर्मा, निवासी इंद्रयानी नगर, दत्तावाड़ी, नागपुर (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार कर ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाई। मामले में इससे पहले अजीत सिंह और अजय सिंह उर्फ चिन्नू को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश