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पूर्वी सिंहभूम, 01 अगस्त (हि.स.)। टाटा स्टील की ओर से संचालित जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) से अलग होने का फैसला करते हुए क्लब के संचालन को बंद करने की घोषणा कर दी है। इस संबंध में क्लब की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को भी निर्णय की जानकारी दे दी गई है। इसके साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि जमशेदपुर एफसी वर्ष 2026-27 के आईएसएल सत्र सहित भविष्य में किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेगा।
क्लब की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भले ही टीम अब पेशेवर लीग में नहीं खेलेगी, लेकिन देश में फुटबॉल के विकास के लिए उसकी प्रतिबद्धता बनी रहेगी। क्लब जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने, युवा खिलाड़ियों की पहचान करने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए अपनी गतिविधियां जारी रखेगा।
टाटा स्टील स्पोर्ट्स विभाग के प्रमुख मुकुल राय चौधरी ने बताया कि क्लब के निर्णय की जानकारी सभी कर्मचारियों को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान खिलाड़ियों के रहने और अभ्यास की व्यवस्था जारी रहेगी। हालांकि अब टीम किसी नई प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रांची में चल रहे डूरंड कप में जमशेदपुर एफसी अपने निर्धारित सभी मुकाबले खेलेगा।
जानकारी के अनुसार, आईएसएल में बने रहने के लिए क्लब को 30 जुलाई 2026 तक फ्रेंचाइजी शुल्क जमा करना था, लेकिन प्रबंधन ने लीग से हटने का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद शहर के फुटबॉल प्रेमियों में मायूसी का माहौल है, क्योंकि पिछले नौ वर्षों में जमशेदपुर एफसी ने अपनी अलग पहचान बनाई थी।
जून 2017 में स्थापित जमशेदपुर फुटबॉल क्लब ने भारतीय फुटबॉल में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। टीम ने वर्ष 2021-22 के आईएसएल सत्र में लीग शील्ड अपने नाम की थी, जबकि 2024-25 में सुपर कप की उपविजेता रही थी। अपने स्थापना काल से लेकर अब तक क्लब ने शहर में फुटबॉल संस्कृति को मजबूत करने के साथ हजारों प्रशंसकों का भरोसा और समर्थन हासिल किया। क्लब ने अपने आधिकारिक संदेश में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों, सहयोगियों, प्रशंसकों तथा भारतीय फुटबॉल महासंघ का आभार व्यक्त करते हुए भारतीय फुटबॉल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक