भगवा का स्वांग और संसद की मर्यादा : सत्ता-विरोध के नाम पर हिन्दू आस्था से छल कब तक?
- डॉ. मयंक चतुर्वेदी
भारत एक ऐसी सभ्यता है जिसकी आत्म-चेतना उसके सांस्कृतिक प्रतीकों, आध्यात्मिक परंपराओं और लोकविश्वासों में बसती है। संविधान भारत को राजनीतिक एकता देता है, जबकि संस्कृति उसे वह ‘स्व’ की चेतना प्रदान करती है, जिसके माध्यम से राष्
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