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शिमला, 01 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) अगले सप्ताह से यात्रियों के लिए हिम बस प्लस कार्ड बनाना शुरू करेगा। इस नई व्यवस्था के तहत अब तक जारी अलग-अलग श्रेणियों के कार्डों को एक ही डिजिटल कार्ड में शामिल किया जाएगा। निगम का कहना है कि नई व्यवस्था से यात्रियों को एक ही कार्ड के माध्यम से विभिन्न रियायती सुविधाएं मिल सकेंगी और कार्ड प्रबंधन भी आसान होगा।
हिम बस प्लस कार्ड का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पिछले दिनों किया था। अब प्रदेश के विभिन्न बस अड्डों और एचआरटीसी डिपो में कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यात्रियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। आवेदन मिलने के बाद कई स्थानों पर मौके पर ही कार्ड जारी करने की तैयारी की गई है।
एचआरटीसी के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुराने ग्रीन कार्ड, येलो कार्ड और सम्मान कार्ड की जगह हिम बस प्लस कार्ड का उपयोग किया जाएगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग कार्ड रखने की जरूरत नहीं रहेगी। निगम ने सभी डिपो प्रबंधकों और संबंधित अधिकारियों को कार्ड जारी करने की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
निगम के अनुसार इस कार्ड के लिए यात्रियों से प्रतिदिन एक रुपये के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। यानी एक वर्ष के लिए 365 रुपये देने होंगे। कार्ड को जरूरत के अनुसार आसानी से रिचार्ज भी किया जा सकेगा। एचआरटीसी की बसों में यात्रा के दौरान इस कार्ड के माध्यम से यात्रियों को पांच से 15 प्रतिशत तक किराये में छूट मिलेगी। यात्रा के आधार पर कैशबैक की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
निगम का कहना है कि हिम बस प्लस कार्ड केवल एचआरटीसी की बसों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उपयोग पंजाब और हरियाणा की बस सेवाओं के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो में भी किया जा सकेगा। एचआरटीसी का मानना है कि इस डिजिटल कार्ड से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा और निगम की बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इसी उद्देश्य से सभी पुराने कार्डों को एकीकृत कर नई डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा