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सिलीगुड़ी, 01 अगस्त (हि. स.)। बरसात के मौसम में जलजमाव की समस्या से जूझ रहे सिलीगुड़ी महकमे के लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। गांव से लेकर शहर तक हर साल भारी बारिश के दौरान सड़कों और घरों में पानी भरने की समस्या को देखते हुए व्यापक ड्रेनेज और जल संरक्षण योजना शुरू की गई है।
प्रशासन के अनुसार, 125 दिन के रोजगार योजना के तहत जल निकासी व्यवस्था को सुधारने के लिए नौ फ्लड कंट्रोल ड्रेनेज चैनलों की खुदाई का काम शुरू किया गया है। इसके साथ ही बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए सरकारी जमीन पर नौ ‘फार्म पोंड’ (तालाब) भी बनाए जा रहे हैं।
सिलीगुड़ी महकमा नदियों से घिरा क्षेत्र है, जहां महानंदा, बालासन और रक्ती जैसी बड़ी नदियों के अलावा मेची और खेमची जैसी कई छोटी नदियां और नाले मौजूद है। बरसात में इन नदियों का जलस्तर बढ़ने और अनियोजित बनावट के कारण जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
इस समस्या के समाधान के लिए माटीगाड़ा, नक्सलबाड़ी, फांसीदेवा और खोरीबाड़ी ब्लॉक के नौ गांवों में नए चैनल बनाए जा रहे है, जिन्हें स्थानीय बड़े नालों और जलाशयों से जोड़ा जाएगा। वहीं बनाए जा रहे तालाबों का उपयोग भविष्य में मछली पालन और सूखे मौसम में सिंचाई के लिए भी किया जा सकेगा।
शनिवार को सिलीगुड़ी महकमा परिषद सभागार में आयोजित पंचायत सम्मेलन में इस ड्रेनेज और बाढ़ नियंत्रण योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, बीडीओ और परियोजना से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
दार्जिलिंग के जिलाधिकारी हरिशंकर पनिक्कर ने बताया कि महकमे की 22 पंचायतों में से 18 में फिलहाल 125 दिन के काम के तहत 18 बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं और जल्द ही बाकी पंचायतों में भी काम शुरू किया जाएगा।
हालांकि, प्रशासन ने यह भी बताया कि अभी तक 31 हजार 200 श्रमिकों ने अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, जिसके कारण उन्हें फिलहाल इस योजना में शामिल नहीं किया जा सका है। प्रशासन ने सभी श्रमिकों को जल्द से जल्द ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार