हिसार : ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी के तीन आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
साइबर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, तीन मोबाइल फोन भी बरामद हिसार, 01 अगस्त (हि.स.)। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इंस्टाग्राम पर सस्ती ड्रेस और गिफ्ट का ल
पकड़े गए साइबर ठगी के तीनों आरोपी।


साइबर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, तीन मोबाइल फोन भी बरामद

हिसार, 01 अगस्त (हि.स.)। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान

के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इंस्टाग्राम पर सस्ती ड्रेस

और गिफ्ट का लालच देकर हजारों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को पुलिस

ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल

फोन बरामद किए गए हैं।

इंस्टाग्राम विज्ञापन और कैशबैक का झांसा देकर 32 हजार 850 की ठगी

साइबर थाना प्रभारी कपिल ने शनिवार काे बताया कि इस संबंध में ऋषि नगर निवासी कमल की शिकायत

पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पीड़ित ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर सस्ती ड्रेस

का विज्ञापन देखा और दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने शुरुआत में पीड़ित

का विश्वास जीतने के लिए 9090 वापस भी भेजे। इसके बाद आकर्षक गिफ्ट व कैशबैक का झांसा

देकर अलग-अलग यूपीआई आईडी में कुल 41 हजार 940 ट्रांसफर करवा लिए और अंततः 32 हजार

850 की साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

मामले की जांच कर रहे एएसआई राजा राम ने बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन और

मोबाइल नंबरों के तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि ठगी

की राशि इक्विटास बैंक समेत अन्य खातों में ट्रांसफर हुई थी। तकनीकी सुराग मिलते ही

पुलिस टीम ने राजस्थान के बूंदी व कोटा में दबिश दी और तीन आरोपियों राजस्थान के बूंदी

जिला निवासी उमाशंकर सैनी, सेवक सिंह व विकास मीणा को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी उमाशंकर ने पैसों के लालच में

अपना बैंक खाता सह-आरोपी सेवक सिंह को दिया था, जिसने इसे आगे विकास मीणा को साइबर

अपराध के लिए उपलब्ध कराया। इसके अलावा, आरोपी दूसरों के नाम से जारी फर्जी सिम कार्ड

का इस्तेमाल कर रहे थे। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को हिसार लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें

न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरामद मोबाइल फोन व सिम कार्ड्स को फोरेंसिक जांच

के लिए भेजा गया है ताकि इस साइबर नेटवर्क के पूरे सिंडिकेट और अन्य संलिप्त आरोपियों

का पर्दाफाश किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर