गैर-शैक्षणिक दायित्वों के बोझ तले शिक्षा व्यवस्था
प्रो. एस.के. सिंह किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है। शिक्षा न केवल मनुष्यों के निर्माण का आधार है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक उन्नति का प्रतिबिंब भी होती है। यह कहना अत

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