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राजगढ़, 27 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेड के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार योनो ऐप के माध्यम से डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में रिश्तेदार सहित छह आरोपितों को इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से शत प्रतिशत राशि बरामद की।
पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने सोमवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि 15 जुलाई को खिलचीपुर निवासी सरिता (47) पत्नी विनय हुरकुटे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके एसबीआई सैलरी खाते से बिना जानकारी के योनो ऐप के माध्यम से 1.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया। विवेचना के दौरान खिलचीपुर पुलिस और जिला साइबर सेल ने तकनीकी जांच, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित पुष्कर टाकले पीड़ित का रिश्ते में भतीजा लगता है, जिसने पारिवारिक संबंध होने के कारण पीड़ित के मोबाइल और योनो ऐप की जानकारी ली थी। उसने इसी का फायदा उठाकर विवेक राठौर के नाम से बैंक खाते में बेनिफिशियरी जोड़कर रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद रकम को निकालने के लिए अन्य साथियों की मदद ली गई।
पुलिस ने मामले में विवेक (28) पुत्र राकेश राठौर, यशराज (20)पुत्र रणजीतसिंह चौहान, अभय (20) पुत्र गौतम चावड़ा, मनवीरसिंह (22) पुत्र अरजीतसिंह चौहान, पुष्कर(20) पुत्र विपिन टाकले और राहुल (24)पुत्र श्याम वैष्णव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपितों ने साइबर ठगी की राशि को एटीएम, यूपीआई और पीओएस के जरिए निकालना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से डेढ़ लाख रुपए बरामद किए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक