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नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में अबू सलेम की समय पूर्व रिहाई की मांग पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
सुनवाई के दौरान अबू सलेम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ऋषि मल्होत्रा ने कहा कि जेल में अच्छे आचरण पर मिली सजा में छूट और विचाराधीन कैदी के रुप में बिताई गई अवधि को भी 25 वर्ष की सजा की गणना में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन अवधियों को जोड़ने पर सलेम 25 वर्ष से अधिक, लगभग 26 वर्ष की अवधि पूरी तक चुका है, इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए। मल्होत्रा ने कहा कि टाडा कोर्ट ने भी विचाराधीन हिरासत की अवधि का लाभ देने का निर्देश दिया था, लेकिन जेल प्रशासन ने उसे लागू नहीं किया।
इसके पहले बांबे उच्च न्यायालय अप्रैल 2025 में अबू सलेम की समय पूर्व रिहाई की याचिका खारिज कर चुका है। उच्च न्यायालय ने कहा था कि भारत ने प्रत्यर्पण के समय पुर्तगाल को जो आश्वासन दिया था उसके मुताबिक 25 वर्ष की अवधि नवंबर 2030 में पूरी होगी और अच्छे आचरण को सजा में छूट से इस अवधि को कम नहीं किया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह