Enter your Email Address to subscribe to our newsletters


सारण, 27 जुलाई (हि.स.)। जय प्रकाश विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर शिक्षक संघ के आह्वान पर सोमवार को शिक्षकों ने बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में काला बिल्ला धारण कर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजित आपातकालीन बैठक में वक्ताओं ने प्रस्तावित विधेयक को उच्च शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षकों-छात्रों के हितों के प्रतिकूल बताया।
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि अंगीभूत महाविद्यालयों को विश्वविद्यालयों से अलग कर उच्च शिक्षा विभाग के अधीन लाने का निर्णय एकीकृत शैक्षणिक व्यवस्था को छिन्न-भिन्न कर देगा। इससे स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा के बीच का अकादमिक समन्वय समाप्त होगा और शोध तथा नैक मूल्यांकन पर असर पड़ेगा।
शिक्षक संघ ने विधेयक पर मुख्य आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा कि यह विधेयक विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वतंत्रता को समाप्त करेगा। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल उद्देश्यों के विपरीत है। समान यूजीसी योग्यता से नियुक्त शिक्षकों हेतु अलग सेवा शर्तें संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन हैं। इससे शिक्षकों के सी ए एस पदोन्नति और शोध पर्यवेक्षण पर बुरा असर पड़ेगा।
शिक्षकों ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। संघ ने राज्यपाल सह कुलाधिपति, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से विधेयक पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि यदि स्वायत्तता की अनदेखी हुई, तो राज्यभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में प्रो इरफान अली, प्रो सुशील श्रीवास्तव, प्रो अजीत कुमार तिवारी, प्रो गजेन्द्र सिंह, प्रो सरफराज अहमद, डॉ अभय कुमार सिंह, डॉ नीतू सिंह, डॉ विकास चौहान सहित अनेक शिक्षक उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार