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नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन सुनवाई टल गई। सुनवाई टलने की वजह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से लोक अभियोजक की अभी तक नियुक्ति नहीं की है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की नवनियुक्त जज अनु ग्रोवर बलिगा ने इस मामले के आरोपितों विकास बिवाल और दिनेश बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी। जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने इस फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का आदेश दिया था। जज अनु ग्रोवर बलिगा को नियुक्त किया था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट सार्वजनिक परीक्षा में हो रहे अपराध से जुड़े मामलों सुनवाई करेगी। ये कोर्ट पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मिन्स) एक्ट के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेगी।
जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही थी। राऊज एवेन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को उसी फैसले की कड़ी के रुप में देखा जा रहा है।
नीट पेपर लीक में अब तक सीबीआई ने 13 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तीन मई को हुई नीट की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। केंद्र सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह