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जोधपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। पैसिफिक मैनेजमेंट के निदेशक प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में एक निजी होटल में आयोजित फॉरेन एजुकेशन काउंसलिंग सेमिनार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सेमिनार में जॉर्जिया की प्रतिष्ठित डेविड ट्विल्डियानी मेडिकल यूनिवर्सिटी (डीटीएमयू) के प्रतिनिधिमंडल ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और मीडिया को विदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. डेविड ट्विल्डियानी, शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. इउरी मिग्रियाउली तथा अंतरराष्ट्रीय संबंध निदेशक डॉ. जॉर्ज स्वानिजे ने यूनिवर्सिटी की आधुनिक शिक्षा प्रणाली, अनुसंधान आधारित शिक्षण, क्लिनिकल प्रशिक्षण, अत्याधुनिक आधारभूत सुविधाओं, छात्रावास व्यवस्था तथा वैश्विक करियर अवसरों पर प्रकाश डाला। डॉ. डेविड ट्विल्डियानी ने कहा कि भारतीय विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत के लिए विश्वभर में पहचान रखते हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर पैसिफिक मैनेजमेंट के निदेशक प्रशांत शर्मा ने कहा कि विदेश में एमबीबीएस का चयन केवल कम शुल्क को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, क्लिनिकल अनुभव और मान्यता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को देखकर करना चाहिए। उन्होंने बताया कि डीटीएमयू भारत के राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सभी नियमों एवं दिशानिर्देशों का पालन करती है तथा यहां से प्राप्त डिग्री भारत सहित अनेक देशों में मान्य है। यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि संस्थान के पूर्व छात्र भारत की एफएमजीई, अमेरिका की यूएसएमएलई तथा ऑस्ट्रेलिया की एएमसी जैसी लाइसेंसिंग परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर विभिन्न देशों में चिकित्सकीय सेवाएं दे रहे हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रशांत शर्मा एवं उनकी टीम ने आभार व्यक्त किया।
आयोजन का प्रबंधन विकास माथुर की क्रिस्कोन इवेंट एंड इनोवेशन कंपनी द्वारा किया गया। सेमिनार में विदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को सही एवं प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश