गुजरात में आयुर्वेद विवि के पेपर लीक की आशंका, विवि ने बनाई जांच समिति
जामनगर, 27 जुलाई (हि.स.)। नीट परीक्षा विवाद के बाद अब गुजरात का प्रतिष्ठित गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय भी पेपर लीक की आशंका को लेकर विवादों में घिर गया है। विश्वविद्यालय में बीएएमएस तृतीय प्रोफेशनल वर्ष के शल्य तंत्र-एक विषय की परीक्षा से पहले ही
गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय


जामनगर, 27 जुलाई (हि.स.)। नीट परीक्षा विवाद के बाद अब गुजरात का प्रतिष्ठित गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय भी पेपर लीक की आशंका को लेकर विवादों में घिर गया है। विश्वविद्यालय में बीएएमएस तृतीय प्रोफेशनल वर्ष के शल्य तंत्र-एक विषय की परीक्षा से पहले ही उससे जुड़े कुछ सवाल व्हाट्सऐप पर वायरल होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई सामग्री और परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों में काफी समानता है, जिससे पेपर लीक की आशंका गहरा गई है।

बीती 20 जुलाई को आयोजित बीएएमएस तृतीय प्रोफेशनल वर्ष (एमएस-शल्य तंत्र-एक) की परीक्षा से पहले ही कुछ प्रश्न व्हाट्सऐप पर प्रसारित हो गए थे। दावा किया जा रहा है कि परीक्षा में पूछे गए 12 में से 11 प्रश्न वायरल सामग्री से मेल खाते थे। इस दावे के सामने आने के बाद छात्रों में भारी नाराजगी है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

परीक्षा प्रभारी और निदेशक एचपी झाला के अनुसार सुबह परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद शाम को उन्हें मोबाइल पर जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले व्हाट्सऐप पर कुछ महत्वपूर्ण सवाल वायरल हो रहे थे। सूचना मिलते ही उन्होंने कुलपति (वाइस चांसलर) से चर्चा की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (स्पेशल कमेटी) गठित करने का निर्णय लिया गया।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। जांच पूरी होने के बाद यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता या विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय के प्रभारी परीक्षा निदेशक ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध 20 से 25 कॉलेजों की अन्य विषयों की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। फिलहाल केवल इस मामले की जांच की जा रही है।

अब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है। सभी यह जानना चाहते हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि किसी की लापरवाही या संलिप्तता साबित होती है, तो दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे