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कछार (असम), 27 जुलाई (हि.स.)। कछार पुलिस ने 'खादी ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी' के मालिक समेत पांच लोगों को साेमवार गिरफ़्तार किया है। यह गिरफ़्तारी उधारबंद विधानसभा क्षेत्र के पनग्राम में कंपनी की रॉड बनाने वाली यूनिट में रविवार को एक एलपीजी विस्फोट के सिलसिले में की गई है, जिसमें चार मजदूरों की मौत हो गई थी।
गिरफ़्तार किए गए लोगों में कंपनी के मालिक राकेश कुमार सुराणा भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के निर्देश पर ये गिरफ़्तारियां की गईं और पुलिस इस घटना की विस्तृत जांच कर रही है।
जांच के तहत सबूत इकट्ठा करने के लिए फ़ॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया है। असम सरकार ने मारे गए चारों मज़दूरों में से प्रत्येक के परिवार को ₹5 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। यह भी घोषणा की गई है कि केडी इंडस्ट्रीज के अधिकारी भी मुआवजा देंगे।
उधारबंद के विधायक राजदीप ग्वाला ने कछार के आयुक्त राहुल कुमार गुप्ता के साथ मिलकर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता सौंपी और उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
अधिकारियों ने कहा कि जांच चल रही है और लापरवाही या औद्योगिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि, बीते रविवार को केडी इंडस्ट्रीज में हुए एलपीजी विस्फोट के दौरान मरने वालों में किरन मुंडा, अप्पू बराइक, श्यामल गोंड और देबानंद नाथ शामिल हैं। बिनोद बर्मन नामक श्रमिक गंभीर रूप से घायल बताए गये हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
इस बीच घटना की जानकारी मिलते ही रविवार को ही मौके का दौरा करने के बाद, असम सरकार के मंत्री कौशिक राय ने कहा था कि धमाके का कारण साफ नहीं है। घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रेट लेवल की जांच, लेबर डिपार्टमेंट की अलग जांच और गुवाहाटी से एक एक्सपर्ट टीम को आदेश दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय