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पटना, 21 जुलाई (हि.स.)। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को शिक्षक नियुक्ति का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठा। प्रश्नकाल के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक गौतम ने शिक्षक बहाली में हो रही देरी और शिक्षा विभाग की ओर से जारी नियुक्ति कैलेंडर का पालन नहीं किए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
राजद विधायक ने कहा कि विभाग ने अपने नियुक्ति कैलेंडर के अनुसार अगस्त में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 की तरह वर्ष 2026 में भी शिक्षक बहाली के लिए निर्धारित कैलेंडर का पालन नहीं किया गया है। अब तक टीआरई-4 की अधिसूचना जारी नहीं होने से लाखों अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सदन को बताया कि राज्य के प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण (ट्रांसफर) और पदस्थापन (पोस्टिंग) की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रिक्त पदों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी, जिसके आधार पर नई शिक्षक नियुक्ति की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग जुलाई के अंतिम सप्ताह में शिक्षक नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज देगा। इसके बाद बीपीएससी टीआरई-4 के तहत रिक्तियों की संख्या और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित आधिकारिक विज्ञापन जारी करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से पूरा करना है, ताकि विद्यालयवार रिक्त पदों का सही आकलन किया जा सके। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग टीआरई-4 के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है।
शिक्षा मंत्री के जवाब के बाद भी विपक्ष ने शिक्षक नियुक्ति में हो रही देरी पर चिंता जताई और सरकार से समयबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि लंबे समय से लाखों अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं और लगातार हो रही देरी से उनमें निराशा बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि बिहार में टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के माध्यम से राज्य के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। अब चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (टीआरई-4) को लेकर अभ्यर्थियों की निगाहें शिक्षा विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग की आगामी अधिसूचना पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जल्द अधिसूचना जारी होने से रिक्तियों की संख्या, परीक्षा कार्यक्रम और आवेदन प्रक्रिया स्पष्ट होगी तथा वे अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे सकेंगे।------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी