मानवता की मिसाल बनी हरियाणा पुलिस : छह माह में 281 गुमशुदा को परिवारों से मिलाया
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स का सराहनीय कामचंडीगढ़, 20 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा पुलिस मानवता की नई मिसाल पेश कर रही है। कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ परिवार से बिछड़े लोगों की घर वापसी कराकर लोगों की खुशियां बढ़ा रही है। राज्य अपराध शाखा की 22
मानवता की मिसाल बनी हरियाणा पुलिस : छह माह में 281 गुमशुदा को परिवारों से मिलाया


एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स का सराहनीय कामचंडीगढ़, 20 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा पुलिस मानवता की नई मिसाल पेश कर रही है। कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ परिवार से बिछड़े लोगों की घर वापसी कराकर लोगों की खुशियां बढ़ा रही है। राज्य अपराध शाखा की 22 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 281 गुमशुदा व्यक्तियों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया। इनमें 57 नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। आधुनिक तकनीक, डिजिटल विश्लेषण, अंतरराज्यीय समन्वय और संवेदनशील पुलिसिंग के दम पर यह उपलब्धि हासिल हुई। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल से लेकर नेपाल तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान सात वर्ष से लापता एक बच्ची को भी उसके परिवार से मिलाकर पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल पेश की।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि गुमशुदा व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाना एक मानवीय उत्तरदायित्व है। प्रत्येक गुमशुदगी के पीछे किसी परिवार की पीड़ा, उम्मीद और विश्वास जुड़ा होता है। हरियाणा पुलिस प्रत्येक मामले को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए आधुनिक तकनीक, रणनीतिक खुफिया जानकारी, अंतरराज्यीय समन्वय तथा त्वरित कार्रवाई के माध्यम से गुमशुदा व्यक्तियों का पता लगाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नाबालिग बच्चों के अतिरिक्त राज्य अपराध शाखा ने 18 वर्ष से अधिक आयु के 224 गुमशुदा वयस्कों का भी सफलतापूर्वक पता लगाया। इनमें 53 पुरुष तथा 171 महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए टीमों ने प्रत्येक मामले में गंभीरता से जांच की तथा तकनीकी विश्लेषण, फील्ड इंटेलिजेंस और अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से उन्हें सुरक्षित खोजने में सफलता प्राप्त की।

राज्य अपराध शाखा मानव तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। महिलाओं, बच्चों एवं अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स को लगातार सशक्त किया जा रहा है। इन यूनिट्स का उद्देश्य केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाना और मानव तस्करी जैसी गंभीर चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना भी है।

देश के विभिन्न राज्यों एवं नेपाल तक चलाया गया खोज अभियान

पुलिस महानिरीक्षक राज्य अपराध शाखा राकेश आर्या ने बताया कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स ने हरियाणा तक सीमित न रहकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाए। आवश्यकता पड़ने पर नेपाल तक समन्वय स्थापित कर गुमशुदा व्यक्तियों का पता लगाया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में गुम हुई एक नाबालिग बच्ची का पता उत्तर प्रदेश से लगाया गया। लगभग सात वर्ष बाद उसे सुरक्षित बरामद कर उसके परिवार से मिलाया गया। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा पुलिस किसी भी गुमशुदा व्यक्ति के मामले को समय बीत जाने के कारण बंद नहीं मानती, बल्कि प्रत्येक मामले में तब तक प्रयास जारी रखती है जब तक व्यक्ति का पता नहीं चल जाता। उन्होंने बताया कि इन सफलताओं के पीछे मानव तस्करी विरोधी इकाइयों द्वारा आधुनिक तकनीकी संसाधनों, डिजिटल विश्लेषण, तकनीकी निगरानी, रणनीतिक खुफिया जानकारी, स्थानीय पुलिस, अन्य राज्यों की पुलिस, सामाजिक संगठनों तथा समुदाय के सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा