धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं ने निकाला आक्रोश मार्च, दी चेतावनी
नवादा, 20 जुलाई (हि.स.)। नवादा में भी नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को नवादा में सैकड़ों युवाओं ने आक्रोश मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्
आंदोलन करते युवा


नवादा, 20 जुलाई (हि.स.)। नवादा में भी नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को नवादा में सैकड़ों युवाओं ने आक्रोश मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया गया तो सड़क जाम, रेल रोको और व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

युवाओं का आक्रोश मार्च जयप्रकाश चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए भगत सिंह चौक पहुंचा, जहां नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की तथा हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को बुलंद किया।

आंदोलन को भाकपा (माले), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी तथा उनके छात्र संगठनों का भी समर्थन मिला। इन संगठनों ने अलग-अलग आक्रोश मार्च निकालकर आंदोलन को और व्यापक बनाने का आह्वान किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक से देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दिया, जिससे छात्रों और युवाओं में भारी नाराजगी है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव कर रहे हैं, जबकि पेपर लीक जैसी गंभीर घटना के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं से युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है।

सभा में मौजूद छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की लड़ाई है। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में आंदोलन से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर करो या मरो के संकल्प के साथ संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में सड़क जाम, रेल रोको, धरना-प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनों के माध्यम से विरोध को और व्यापक बनाया जाएगा। पूरे प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन