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गुवाहाटी, 20 जुलाई (हि.स.)। लगातार हो रही बारिश के कारण उपरी असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। शिवसागर, जोरहाट, चराइदेव, नाजिरा, आमगुड़ी और सोनारी सहित कई इलाके जलमग्न हैं। जाजी और दिखौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मंत्री बिमल बोरा ने शिवसागर जिले के चेरेकापारा का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा भी की।
जोरहाट में भोगदोई नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। कई स्थानों पर तटबंध टूट गए हैं और सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, सिमलुगुड़ी के बाद नाजिरा–मेजेंगा रेलखंड पर भी बाढ़ का गंभीर असर पड़ा है। तेज बहाव के कारण रेलवे तटबंध का लगभग आधा हिस्सा कट चुका है। यदि कटाव जारी रहा तो किसी भी समय रेल लाइन दिखौ नदी में समा सकती है। रेलवे प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
वहीं दूसरी ओर जोरहाट जिलांतर्गत टियक इलाके में बाढ़ के चलते किसी भी समय उपरी एवं निचले असम का यातायात संपर्क टूट सकता है। टियक-काकजान नदी के बढ़े जलस्तर ने गंभीर संकट पैदा कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 715 पर पानी भर गया है। काकजान और द गांव के बीच बने फ्लाई ओवर ब्रिज के दोनों से उप मार्गों पर यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है।
इस बीच बादुली पोखरी, दुलिया गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग के उपर से पानी बह रहा है। पानी में डूबे राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर वाहन उपरी एवं निचले असम की ओर आवाजाही कर रहे हैं। टियक और काकजान के 30 से 35 राजस्व गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस आपदा के बीच अंतिम सूचना मिलने तक जिला प्रशासन के लोग मौके पर नहीं पहुंचे थे। वहीं पानी में डूबे राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर हल्के वाहन तो पार हो रहे हैं, लेकिन अन्य वाहन पानी के बीच फंसे हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ के चलते कई लोग अपने घरों और निजी स्थानों पर फंसे हुए हैं। स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। दूसरी ओर फोर लेन वाली सड़क की विसंगति की वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न होने का स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश