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— बाबतपुर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच में खुलासा, वास्तविक पहचान छिपाकर भारत में रह रहा था
वाराणसी, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में साेमवार काे वाराणसी के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन जांच के दौरान एक अफगान नागरिक को फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि वह अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रहमान शाह के नाम से भारत में रह रहा था और उसी नाम से विदेश जाने का प्रयास कर रहा था।
डीसीपी गोमती जोन कार्यालय ने सोमवार को बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या आई एक्स-
183 (वाराणसी-शारजाह) की प्रस्थान इमिग्रेशन जांच के दौरान ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के अधिकारियों ने भारतीय पासपोर्ट संख्या वाई 8558322 पर यात्रा कर रहे एक संदिग्ध यात्री को रोका। दस्तावेजों के सत्यापन और पूछताछ में उसकी वास्तविक पहचान अफगानिस्तान निवासी अब्दुल रहमान ताराकी के रूप में हुई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित अफगान पासपोर्ट संख्या पी 0158154 और मेडिकल अटेंडेंट वीजा (संख्या वी एल 1393047) पर 6 जनवरी 2019 को भारत आया था। उसका वीजा 5 अप्रैल 2019 को समाप्त हो गया था, लेकिन वह निर्धारित अवधि के बाद भी भारत में अवैध रूप से रह रहा था।
डीसीपी गोमती जोन कार्यालय के अनुसार, भारत में रहने के लिए उसने कथित तौर पर अपना नाम, जन्मतिथि और माता-पिता का विवरण बदलकर मुंबई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) से धोखाधड़ी के माध्यम से भारतीय पासपोर्ट हासिल किया। इसी पासपोर्ट के आधार पर वह शारजाह जाने की कोशिश कर रहा था। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने आरोपी को आवश्यक पूछताछ के बाद लिखित तहरीर के साथ थाना फूलपुर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना फूलपुर में पूछताछ के दौरान आरोपित ने अपना वास्तविक नाम अब्दुल रहमान ताराकी तथा पिता का नाम अब्दुल अजीज बताया। उसने स्वीकार किया कि वह अफगानिस्तान के गजनी प्रांत का निवासी है और मेडिकल अटेंडेंट वीजा पर भारत आया था। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद उसने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया। आरोपित को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, भारतीय पासपोर्ट बनवाने और पूरे षड्यंत्र में सहयोग करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी