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देवरिया, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में वर्षों पुरानी जाम की समस्या से राहत दिलाने वाले कसया रेलवे ढाले पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना को आखिरकार अंतिम मंजूरी मिल गई है। रेलवे ने करीब चार महीने के इंतजार के बाद परियोजना की अंतिम ड्राइंग को स्वीकृति दे दी है। अब 72.03 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आरओबी का निर्माण कार्य अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू होगा।
देवरिया-भीखमपुर मार्ग पर स्थित समपार संख्या-129 स्पेशल (कसया ढाला) शहर के सबसे व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग में शामिल है। रेलवे मालगोदाम होने के कारण यहां दिनभर मालगाड़ियों सहित कई ट्रेनों का आवागमन रहता है। फाटक बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को अक्सर आधे घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।
यहां प्रस्तावित दो-लेन आरओबी बनने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। इससे देवरिया बाईपास और भीखमपुर मार्ग के बीच यातायात तेज, सुरक्षित और सुगम होगा। स्थानीय व्यापारियों, स्कूली छात्रों, मरीजों और प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव भी कम होगा। इस आरओबी की कुल लंबाई 613.89 मीटर होगी, जिसमें 95.50 मीटर हिस्सा रेलवे क्षेत्र में आएगा। परियोजना को फरवरी 2026 में उत्तर प्रदेश शासन से प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिली थी। कुल 72.03 करोड़ रुपये की लागत में से 35.85 करोड़ रुपये रेलवे और 36.17 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश सेतु निगम वहन करेगा। रेलवे अपने हिस्से में चार पायों का निर्माण करेगा, जबकि सेतु निगम 17 पायों का निर्माण कराएगा। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए आरओबी के साथ सर्विस लेन भी बनाई जाएगी।
परियोजना की ड्राइंग पर रेलवे ने पहले कुछ तकनीकी आपत्तियां जताई थीं। इसके बाद रेलवे और सेतु निगम के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक संशोधन किए और संशोधित ड्राइंग को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया। अब स्वीकृति मिलने के साथ ही निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह परियोजना पूर्वोत्तर रेलवे की वर्ष 2026-27 की पिंक बुक में भी शामिल है।
सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक विजेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण एजेंसी ने तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मशीनें निर्माण स्थल पर पहुंच चुकी हैं तथा सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के भंडारण की व्यवस्था की जा रही है। अगस्त के पहले सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू कर निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक