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लखनऊ, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के बाढ़ संभावित एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में गोवंश एवं अन्य पशुओं के लिए भूसे एवं हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जलभराव के दृष्टिगत गो आश्रय स्थलों का चिंहाकन भी कर लें। वर्षा ऋतु को देखते हुए पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। साथ ही पशुओं में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए संचालित टीकाकरण अभियान का निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं।
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री सहभागिता योजनान्तर्गत 20 जुलाई से 03 अगस्त तक संचालित होने वाले विशेष गोवंश सुपुर्दगी अभियान को मिशन मोड में चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र कृषकों एवं पशुपालकों को योजना से जोड़ा जाए तथा गोवंश सुपुर्दगी की समस्त कार्यवाही शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए।
सिंह ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक पशुपालकों को बीमा योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सभी कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि सभी कार्य पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ किए जाएं तथा विभागीय योजनाओं और अभियानों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने महिला दुग्ध समितियों को प्रोत्साहन, पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन, जागरूकता कार्यक्रमों के नियमित आयोजन तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र दुग्ध उत्पादक तक योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति से मंत्री को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने संबंधित अधिकारियों को मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जनपदों में पशुचिकित्साधिकारी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, हरे चारे एवं भूसे की पर्याप्त व्यवस्था की जाए,एफएमडी टीकाकरण, गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, कृत्रिम गर्भाधान तथा दुग्ध समितियों के गठन सहित सभी प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय