महाकाल मंदिर में मां कात्यानी की विशेष पूजा, महाआरती में उमड़े श्रद्धालु
किशनगंज, 20 जुलाई (हि.स.)। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में सोमवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यानी की विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालु
महाकाल मंदिर में मां कात्यानी की विशेष पूजा, महाआरती में उमड़े श्रद्धालु


किशनगंज, 20 जुलाई (हि.स.)। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में सोमवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यानी की विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने मां कात्यानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में विशेष पूजन, दुर्गा सप्तशती पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति से मंदिर परिसर गुलजार रहा। शाम को आयोजित भव्य महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के दौरान जय माता दी और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। भक्तों ने दीप प्रज्ज्वलित कर मां भगवती से परिवार, समाज और राष्ट्र की खुशहाली की मंगलकामना की। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आरती में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। इस अवसर पर गुरु साकेत ने बताया कि वर्ष में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है, जिनमें गुप्त नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक एवं तांत्रिक महत्व है। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ मां भगवती की आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के दौरान महाकाल मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ, आरती एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर समिति ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह