शुचिता, पारदर्शिता और समयबद्धता ही हो सर्वाेच्च प्राथमिकता: लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह
अजमेर, 20 जुलाई(हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि वर्तमान में हमारी पहचान जाति, धर्म, वर्ग या समाज से नहीं बल्कि राष्ट्रहित में कार्यरत् आयोग के टीम मेंबर्स के रूप में है। आयोग की कार्यप्रणाली में शुचित
Purity, transparency and timeliness should be the top priority: Lieutenant Colonel Kesari Singh


Purity, transparency and timeliness should be the top priority: Lieutenant Colonel Kesari Singh


अजमेर, 20 जुलाई(हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि वर्तमान में हमारी पहचान जाति, धर्म, वर्ग या समाज से नहीं बल्कि राष्ट्रहित में कार्यरत् आयोग के टीम मेंबर्स के रूप में है। आयोग की कार्यप्रणाली में शुचिता, पारदर्शिता और समयबद्धता ही सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह सोमवार को आयोग के कांफ्रेंस कक्ष में आयोजित संवाद सत्र के दौरान उप सचिव और उससे उच्च स्तर के सभी अधिकारियों के साथ विस्तृत एवं सार्थक चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने आयोग के कार्यों को अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने तथा आगामी भर्ती परीक्षाओं एवं साक्षात्कारों के समयबद्ध एवं निर्बाध आयोजन के साथ प्रभावी फीडबैक सिस्टम के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदस्यों और अधिकारियों के बीच एक मजबूत समन्वय स्थापित होना चाहिए। आयोग की जब पूरी टीम आंतरिक प्रक्रियाओं, सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं से भली-भांति अवगत होगी, तभी हम प्रदेश के लाखों युवाओं के विश्वास पर और अधिक मजबूती से खरे उतर सकेंगे। उन्होंने दोहराया कि आयोग का स्पष्ट लक्ष्य है कि सभी भर्ती परीक्षाएं और साक्षात्कार तय समय-सीमा के भीतर और पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न हों, और इसके लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विशेष फोकस रहे। आयोग द्वारा हाल ही में 12 लाख से अधिक पंजीकृृत अभ्यर्थियों के लिए वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2025 का सुरक्षित एवं सफल आयोजन 12 से 18 जुलाई तक किया गया है। इसके लिए आयोग की टीम एवं परीक्षा आयोजन में संलग्न प्रत्येक कार्मिक की उन्होंने सराहना की।

गौरतलब है कि अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह की पहल पर सोमवार को सदस्यों के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन और कार्यालय निरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयोग की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक ढांचे, तकनीकी प्रक्रियाओं और विभागीय दायित्वों से प्रत्यक्ष रूप से अवगत करा कर बेहतर समन्वय स्थापित करना था।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में अध्यक्ष के कक्ष में एक परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर आयोग की संयुक्त सचिव द्वारा एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। इसमें आयोग के संपूर्ण संगठनात्मक ढांचे, राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों की अद्यतन स्थिति, विभिन्न अनुभागों की कार्यक्षमता और उनके विशिष्ट दायित्वों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसका मूल उद्देश्य नवाचारों को अपनाते हुए आयोग की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना था।

इसके पश्चात, सभी सदस्यों का वरिष्ठ उप सचिवों से परिचय करवाया गया। वरिष्ठ उप सचिवों के साथ सदस्यों और उच्चाधिकारियों ने कार्यालय के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुभागों का क्रमवार अवलोकन कर कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। भ्रमण के दौरान आयोग अध्यक्ष द्वारा संबंधित अनुभाग प्रभारियों और अधिकारियों को कार्य में गति, गोपनीयता और सटीकता लाने के लिए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इस संपूर्ण ओरिएंटेशन और निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आयोग के सभी सदस्यों के साथ-साथ आयोग सचिव, मुख्य परीक्षा नियंत्रक, संयुक्त सचिव, विधि सलाहकार और वित्तीय सलाहकार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष