Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

बक्सर, 20 जुलाई (हि.स.)।
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में सोमवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, हरित आवरण बढ़ाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण तथा जिले की आर्द्रभूमियों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुरूप गंगा तट पर बायोडायवर्सिटी पार्क के लिए शीघ्र भूमि चयन करने तथा वन विभाग के कार्यालय एवं आवासीय परिसर हेतु भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख सड़कों पर नियमित जल छिड़काव, धूल नियंत्रण, कचरा जलाने पर रोक तथा अस्पतालों, विद्यालयों सहित साइलेंस जोन में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में सरकारी परिसरों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण, नगर क्षेत्रों में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने, अवैध वृक्ष कटाई और अवैध आरा मिलों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया।
जिला आर्द्रभूमि समिति की बैठक में सिमरी प्रखंड के कोलिया खाप (दाहा) को अधिसूचित आर्द्रभूमि घोषित करने की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही गोकुल जलाशय के संरक्षण एवं विकास कार्यों, सीमांकन और प्रस्तावित रिसर्च सेंटर, इंटरप्रिटेशन सेंटर, इको हट, कैम्पिंग साइट, नेचर ट्रेल तथा वॉच टावर जैसी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, भोजपुर वन प्रमंडल, आरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने आर्द्रभूमियों के संरक्षण, अतिक्रमण नियंत्रण और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra