पटवार भर्ती-2021 फर्जीवाड़ा: डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाकर नौकरी पाने वाला पटवारी गिरफ्तार
प्रवेश पत्र पर डमी की फोटो लगाकर दिलाई थी परीक्षा, पांच लाख रुपये में हुई थी डील, सिरोही में तैनात था आरोपित
पटवार भर्ती-2021 फर्जीवाड़ा: डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाकर नौकरी पाने वाला पटवारी गिरफ्तार


जयपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का अभियान लगातार जारी है। इसी कडी में एसओजी ने पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाकर अंतिम रूप से चयनित होने वाले मूल अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। आरोपित सरकारी सेवा में पटवारी के पद पर कार्यरत था और वर्तमान में निलंबित चल रहा था।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को लेकर एसओजी कार्यालय को गोपनीय शिकायत मिली थी। शिकायत की गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसओजी थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। जहां जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार विश्नोई ने एक मध्यस्थ की मदद से अपने प्रवेश पत्र पर डमी अभ्यर्थी का फोटो चस्पा कर दिया तथा फर्जी हस्ताक्षर करवाए। इसी फर्जी प्रवेश पत्र के आधार पर 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर डमी अभ्यर्थी ने परीक्षा दी।

एसओजी के अनुसार दिनेश कुमार ने अपनी जगह परीक्षा दिलवाने के लिए दलाल के माध्यम से डमी अभ्यर्थी को 5 लाख रुपये नकद दिलवाए थे। परीक्षा के बाद उसका अंतिम चयन पटवारी पद पर हो गया।

फर्जीवाड़े के जरिए चयनित होने के बाद दिनेश कुमार की नियुक्ति पटवार हल्का मंगरीवाड़ा, तहसील रेवदर (जिला सिरोही) में हुई थी। वह वर्तमान में उपखंड अधिकारी कार्यालय, पिंडवाड़ा से संबद्ध रहते हुए निलंबित चल रहा था।

जिस पर पुलिस महानिरीक्षक (एसओजी) अजयपाल लाम्बा के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित दिनेश कुमार विश्नोई (34) निवासी सांचौर को गिरफ्तार किया। वहीं एसओजी ने इस मामले में दलाल की पहचान चौथाराम विश्नोई (गिला) निवासी लियादरा, जिला सांचौर और डमी अभ्यर्थी की पहचान विक्रम विश्नोई निवासी मीरपुरा, थाना करडा रानीवाड़ा, जिला जालौर के रूप में की है। दोनों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

एसओजी अब इस भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में डमी अभ्यर्थियों और भर्ती माफिया से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश