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शिमला, 20 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा की बैठक सोमवार को शिमला में हुई। बैठक में पेंशनर्स से जुड़े लंबित मामलों पर चर्चा की गई और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ होने वाली बैठक की रणनीति तय की गई। मोर्चा के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुलाकात का समय दिया है। इस दौरान पेंशनर्स की लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय देनदारियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।
आत्मा राम शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले भी पेंशनर्स को कई लाभ दिए हैं, लेकिन अभी कुछ वित्तीय लाभ जारी होने बाकी हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जाएगा कि इन लंबित लाभों का भुगतान जल्द किया जाए। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को इस बैठक से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को कम से कम 50 प्रतिशत लंबित वित्तीय लाभ देने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। इसके साथ ही सरकार से संयुक्त परामर्श समिति (जेसीसी) की बैठक जल्द बुलाने का भी आग्रह किया जाएगा, जिससे पेंशनर्स से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा हो सके।
मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि पेंशनर्स को यह भी उम्मीद है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य सरकार उनके हित में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स लंबे समय से अपने लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
मोर्चे में गुटबाजी के सवाल पर आत्मा राम शर्मा ने कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार से भी जल्द औपचारिक मान्यता मिल जाएगी। उन्होंने पूर्व सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय धन की कमी नहीं थी, फिर भी पेंशनर्स के लंबित लाभ जारी नहीं किए गए। अब मौजूदा सरकार से इन मामलों के समाधान की अपेक्षा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा