Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

- महिला उद्यमिता योजना आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम, भूमि पट्टा मिलने से किसान सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण करा सकेंगे : मंत्री
नगांव (असम), 20 जुलाई (हि.स.)। असम के कृषि, सिंचाई एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा नगांव जिले के प्रभारी मंत्री पीयूष हजारिका ने सोमवार को धिंग में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (एमएमयूए) के तहत 22,818 महिलाओं को औपचारिक रूप से चेक वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि योजना के तहत दिए जा रहे 10,000 रुपये महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने लाभार्थियों से इस प्रारंभिक पूंजी का सही उपयोग कर व्यवसाय स्थापित करने का आग्रह किया, ताकि वे योजना के अगले चरण में 25,000 और 50,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता के लिए पात्र बन सकें।
मंत्री हजारिका ने प्रधानमंत्री आवास योजना, बेहतर सड़क संपर्क, गरीब परिवारों को मुफ्त राशन तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश जैसी कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में राज्य में समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले महीने से मुफ्त राशन वितरण फिर से शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि धिंग क्षेत्र में तटबंध निर्माण और बाढ़ सुरक्षा उपायों से किसानों को वर्ष में दो या उससे अधिक फसलें लेने में सुविधा मिली है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है और पूर्व की भ्रष्टाचारपूर्ण व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
कृषि क्षेत्र के विकास पर जोर देते हुए मंत्री ने लोगों से कृषि को आय का प्रमुख स्रोत बनाने का आह्वान किया और किसानों को कृषि एवं सिंचाई विभाग की ओर से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विधायक मेहबूब मुख्तार, रूपक शर्मा, नगांव के जिला आयुक्त सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके बाद मंत्री ने भोमोरागुरी में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में नगांव-बटद्रवा विधानसभा क्षेत्र के 81 परिवारों को भूमि पट्टे वितरित किए तथा कुछ स्थानीय महिलाओं को एमएमयूए योजना के चेक भी प्रदान किए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भूमि पट्टा प्राप्त करने वाले अब किसान पंजीकरण के पात्र होंगे, जिससे उन्हें किसान पहचान पत्र मिलेगा और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी। उन्होंने किसानों से कृषि भूमि खाली न छोड़ने तथा नारियल, सुपारी और काली मिर्च जैसी लाभकारी फसलों की मिश्रित खेती अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया।
-----------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश