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पांच हजार के इनामी सहित और कई बदमाश दबोचे
हिसार, 20 जुलाई (हि.स.)। जिले में अपराधियों
पर चौतरफा शिकंजा कसने और कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस ने एक बेहद
आक्रामक और रणनीतिक अभियान छेड़ा है। इसके तहत आर्म्स एक्ट और अन्य संगीन वारदातों
में हथियारों का इस्तेमाल करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस का विशेष ‘भौतिक सत्यापन
एवं सतत निगरानी अभियान’ युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने सोमवार को बताया
कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस हाई-प्रोफाइल अभियान
का सीधा मकसद अपराधियों की वर्तमान स्थिति को खंगालना, उनकी हर हरकत पर नजर रखना और
जिले में खौफ का पर्याय बनने वाले तत्वों को दोबारा सिर उठाने से रोकना है। इस विशेष
मुहिम के तहत पिछले 10 वर्षों के दौरान हथियारों के बल पर अपराध करने वाले अपराधियों
का पूरा ब्योरा निकालकर पुलिस की विशेष टीमें उनके घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कर रही
हैं और आवश्यक सूचनाएं एकत्रित कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि
पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
एसपी सिद्धांत जैन के अनुसार, जिला पुलिस ने अब
तक ऐसे कुल 2465 शातिर अपराधियों की पहचान की है, जिनमें से 1034 अपराधियों का भौतिक
सत्यापन पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 1431 अपराधियों का सत्यापन कार्य तेजी से जारी
है। इस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिसमें 737 अपराधी वर्तमान
में अपने पंजीकृत पते पर ही रहते पाए गए हैं जिन पर पुलिस ने खुफिया नजर रखनी शुरू
कर दी है, जबकि 30 अपराधी अपने पते से गायब मिले हैं जिनकी वर्तमान लोकेशन और संदिग्ध
गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए विशेष टीमें लगा दी गई हैं। इसके अलावा 233 शातिर
अपराधी पहले से ही अलग-अलग मामलों में विभिन्न जेलों में बंद पाए गए और 34 अपराधियों
की मृत्यु होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
इस धरपकड़ अभियान के दौरान पुलिस को उस वक्त बड़ी
सफलता हाथ लगी, जब चेकिंग और सत्यापन के दौरान चार शातिर आरोपियों को रंगे हाथ नए अपराध
करते हुए दबोच लिया गया और उनके कब्जे से 315 बोर की तीन पिस्तोल, एक देसी कट्टा व
दो जिंदा कारतूस बरामद कर उनके खिलाफ नए आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने अपराधियों को दो
टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यह अभियान महज कोई कागजी या औपचारिक कार्रवाई नहीं है,
बल्कि जिले के आदतन और हथियारों के बल पर खौफ पैदा करने वाले अपराधियों की प्रभावी
निगरानी व्यवस्था स्थापित करने की एक बड़ी मुहिम है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर