इंदौर पुलिस ने नशे के विरुद्ध रचा इतिहास, 8534 लोगों की मानव श्रृंखला बनाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड
- इंदौर पुलिस ने अपना ही पूर्व रिकॉर्ड तोड़ा, एक ही आयोजन में बने दो विश्व रिकॉर्ड इंदौर, 20 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” को इंदौर में ऐतिहासिक जनसहभागिता मिली। विशाल
इंदौर में वनाई गई मानव श्रृंखला


- इंदौर पुलिस ने अपना ही पूर्व रिकॉर्ड तोड़ा, एक ही आयोजन में बने दो विश्व रिकॉर्ड

इंदौर, 20 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” को इंदौर में ऐतिहासिक जनसहभागिता मिली। विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम में 8,534 विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों, खिलाड़ियों, नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों एवं नागरिकों ने एक साथ मानव श्रृंखला बनाकर नशे के विरुद्ध विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।

पुलिस मुख्यालय द्वारा सोमवार को जानकारी दी गई कि इस उपलब्धि के साथ इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने नशे के विरुद्ध मानव श्रृंखला का अपना ही पूर्व विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पूर्व 7,100 लोगों की मानव श्रृंखला का रिकॉर्ड इंदौर पुलिस के नाम दर्ज था। इस बार 8,534 लोगों की सहभागिता ने न केवल नया कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए इंदौर की सामूहिक प्रतिबद्धता को भी देश के सामने सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से एडिटर अपूर्वा मेनन एवं पलाश शुक्ला द्वारा इस उपलब्धि का रिकॉर्ड इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह को प्रदान किया गया।

एक आयोजन में दो रिकॉर्ड की दिशा में उपलब्धि

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में यह आयोजन केवल विशाल मानव श्रृंखला तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम में 8,534 से अधिक लोगों को एक साथ नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए सामूहिक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस उपलब्धि के लिए भी विश्व रिकॉर्ड का दावा प्रस्तुत किया गया है। इस प्रकार इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने एक ही आयोजन में दो विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने नशे के सामाजिक, पारिवारिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन, प्रशासन और नागरिक जब एकजुट होकर प्रयास करते हैं, तभी नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त सिंह ने उपस्थित जनसमूह को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिवार एवं मित्रों को जागरूक करने तथा नशामुक्त इंदौर और नशामुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

समाज के हर वर्ग की रही सहभागिता

इस ऐतिहासिक आयोजन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) आरके सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) मयंक अवस्थी, पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों के विद्यार्थी एवं शिक्षक, फिजिकल अकादमी के खिलाड़ी, मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु चिकित्सक, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, नगर सुरक्षा समिति के सदस्य, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, मीडिया प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

नशामुक्त समाज के लिए जनआंदोलन बन रहा अभियान

मध्य प्रदेश में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, बस्तियों, सामाजिक संगठनों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के बीच व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर