मोतीपुर चीनी मिल चालू करने की कवायद तेज,
266 एकड़ जमीन की मापी आज से शुरू,CO की निगरानी में 17 अमीन करेंगे सीमांकन
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मुजफ्फरपुर, 20 जुलाई (हि.स.)।

जिले में पिछले 30 वर्षों से बंद पड़ी ऐतिहासिक मोतीपुर चीनी मिल को फिर से चालू करने की सरकारी कवायद अब धरातल पर उतरने लगी है।

बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मिल की लीज वाली जमीन को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया को गति दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) को लीज पर दी गई कुल 266.66 एकड़ भूमि को वापस अधिग्रहित किया जाना है। इस भूमि पर न केवल नई आधुनिक चीनी मिल स्थापित की जाएगी, बल्कि गन्ना विकास केंद्र (गन्ना अनुसंधान संस्थान) और चीनी उद्योग से जुड़े कई अन्य सहायक उद्योग भी लगाए जाएंगे।

भूमि के वास्तविक सीमांकन और हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता (राजस्व) प्रशांत कुमार ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद एडीएम ने जिले के 7 अलग-अलग अंचलों से 17 कुशल अमीनों की विशेष प्रतिनियुक्ति मोतीपुर अंचल में की है। इन सभी अमीनों को सोमवार, 20 जुलाई से ही योजना स्थल पर पहुंचकर संयुक्त रूप से जमीन की मापी और सीमांकन का कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

यह पूरी मापी प्रक्रिया मोतीपुर के अंचलाधिकारी (सीओ) तरुण कुमार की सीधी निगरानी और मॉनिटरिंग में चलाई जा रही है। एडीएम प्रशांत कुमार ने सख्त हिदायत दी है कि सभी प्रतिनियुक्त अमीन अगले तीन दिनों के भीतर, यानी निर्धारित समय सीमा में पूरी जमीन का सटीक मापन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मोतीपुर सीओ को सौंपेंगे। इसके तुरंत बाद, इसी सप्ताह के अंत तक अंचल कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट को जिलाधिकारी (डीएम) के माध्यम से राज्य के गन्ना उद्योग विभाग को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कुल 266.66 एकड़ लीज की जमीन विभिन्न राजस्व ग्रामों (मौजों) के अंतर्गत आती है, जिसका मापन तीन दिनों तक लगातार चलेगा। इसमें मोतीपुर मौजे के तहत 96.37 एकड़, बखरा में 28.58 एकड़, बरियारपुर में सबसे अधिक 114.57 एकड़, सुंदर सराय में 19.14 एकड़ और पचरुखी मौजे के अंतर्गत आने वाली 8 एकड़ भूमि शामिल है। इन सभी स्थानों पर सीमांकन के लिए मोतीपुर के अलावा कुढ़नी, कांटी, पारू, साहेबगंज, मड़वन और सरैया अंचल से अमीनों को बुलाया गया है।

गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि इस जमीन को आईपीएल से वापस लेकर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा दी जाएगी। मोतीपुर चीनी मिल के पुनरुद्धार और नए उद्योगों की स्थापना से मुजफ्फरपुर सहित इसके पड़ोसी जिलों के लाखों गन्ना किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिलेगी। इस प्रशासनिक सक्रियता से स्थानीय किसानों और आम जनता में मिल के दोबारा शुरू होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज कुमार