Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

धर्मशाला, 20 जुलाई (हि.स.)। कांगड़ा जिले के बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़ा गुनेहड गांव के एक भेड़ पालक को चंबा के बेहद दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल की रेई धार से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। भेड़-बकरियां चराते समय अचानक पैरालिसिस (लकवे) का शिकार हुए इस भेड़ पालक की जान बचाने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में इस संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पीड़ित भेड़ पालक निर्जल कुमार बड़ा भंगाल की परमिट वाली चारागाह में अपनी भेड़-बकरियां चरा रहे थे, तभी अचानक उन्हें लकवे जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो गई और वे चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बैजनाथ और भरमौर प्रशासन तुरंत हरकत में आया। रेस्क्यू के लिए खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी तो भरमौर प्रशासन ने एक ग्राउंड रेस्क्यू टीम रवाना की।
चुनौतियां बेहद कड़ी थीं, लेकिन हौसले पक्के थे। रेस्क्यू टीम ने ग्राम पंचायत ग्रौंडा के स्थानीय निवासियों के सहयोग से रेई धार के बेहद दुर्गम और पथरीले रास्तों पर मोर्चा संभाला। टीम ने मरीज को स्ट्रेचर के सहारे करीब 18 किलोमीटर दूर कठिन पहाड़ी रास्तों से पैदल बाहर निकाला और देर रात ‘सिविल अस्पताल होली’ पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर
सिविल अस्पताल होली में डॉक्टरों ने मरीज को प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, निर्जल कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
सड़क निर्माण की मांग ने फिर पकड़ा जोर
उधर इस संवेदनशील घटना के बाद इलाके में होली-बड़ा भंगाल सड़क के निर्माण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा न होने के कारण आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना दांव पर जान लगाने जैसा है। गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी अपने दौरे के दौरान बड़ा भंगाल क्षेत्र में एक दिन का समय बिताया था, जिससे ग्रामीणों को इस सड़क के जल्द बनने की उम्मीदें हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया