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लखनऊ, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बेटियों को दिए जा रहे अवसर उनके जीवन की दिशा बदल रहे हैं, इसका जीवंत उदाहरण सोमवार को राज्य परियोजना कार्यालय, लखनऊ में देखने को मिला। यहां कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, औरास, उन्नाव से पढ़कर निकलीं दो प्रतिभाशाली क्रिकेट खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अर्चना देवी और उभरती खिलाड़ी निशा वर्मा अपनी शिक्षिका पूनम के साथ राज्य परियोजना कार्यालय पहुंचीं। दोनों ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी से मुलाकात कर अपने संघर्ष, उपलब्धियों और भविष्य के सपनों को साझा किया।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के माध्यम से हम वंचित वर्ग की बेटियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि खेल, कौशल और आत्मविश्वास का मंच भी दे रहे हैं।
अर्चना देवी और निशा वर्मा की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सरकारी विद्यालयों से भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाएं निकल रही हैं। उन्नाव के छोटे से गांव से निकलकर विश्व कप जीतने तक का सफर योगी सरकार की उस सोच को साकार करता है, जिसमें हर बेटी को अवसर मिले।
वर्ष 2023 में आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य रहीं अर्चना ने बताया कि उन्हें बचपन में यह भी नहीं पता था कि क्रिकेट क्या होता है। केजीबीवी औरास में प्रवेश मिलने के बाद ही उनकी खेल प्रतिभा को पहचान मिली और यहीं से उनके करियर की शुरुआत हुई।
इसी विद्यालय की पूर्व छात्रा निशा वर्मा आज उत्तर प्रदेश की उभरती हुई महिला क्रिकेटर हैं। मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज निशा उत्तर प्रदेश अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और बीसीसीआई के अंडर-19 महिला घरेलू टूर्नामेंट में प्रदेश के लिए खेल चुकी हैं। अक्टूबर 2024 में उनका चयन उत्तर प्रदेश अंडर-19 टीम में हुआ था।
निशा ने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें बहुत कुछ सुनना पड़ा, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट हो तो हर बाधा पार की जा सकती है। दोनों खिलाड़ियों ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को संदेश दिया कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन