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पलामू, 20 जुलाई (हि.स.)। पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के जीएलए कॉलेज परिसर में विभिन्न छात्र संगठनों ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेपर लीक, परीक्षाओं में धांधली और शिक्षा व्यवस्था में लगातार बढ़ रही अव्यवस्था पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व आइसा पलामू जिला सचिव गौतम दांगी ने किया।
मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित आइसा झारखंड के राज्य उपाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद होने की स्थिति में है। देशभर के लाखों छात्र लगातार पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता और भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली के कारण अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन इन गंभीर सवालों का जवाब नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 22 दिनों से पर्यावरणविद सोनम वांगचुक सहित आंदोलनकारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनसे सार्थक वार्ता करने की कोई पहल नहीं की गई। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले आंदोलनकारियों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए धरना स्थल पर सफेद चादर का परदा लगाकर सोनम वांगचुक को वहां से हटाने का प्रयास किया और आंदोलन को दबाने की कोशिश की।
उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दें।
कार्यक्रम को युवा जागृति केंद्र स्टूडेंट्स फेडरेशन के जिलाध्यक्ष विपिन यादव, झारखंड छात्र मोर्चा के कौशल किशोर ने भी संबोधित किया।
मौके पर आइसा राज्य कमिटी सदस्य अंशु प्रसाद, अनुलाल बाबू, ऋषि रौशन, उदय प्रजापति, अरविंद शर्मा, रविंद्र कुमार, प्रिंस गुप्ता सहित अन्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार