नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों के 26 आश्रितों को दी गई प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी
पश्चिमी सिंहभूम, 20 जुलाई (हि.स.)। जिला प्रशासन ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों और अनुकंपा के आधार पर नियुक्त 26 नव-नियुक्त कर्मियों के लिए सोमवार को समाहरणालय सभागार में उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया। उपायुक्त मनीष कुमार की अध
नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों के साथ उपायुक्त मनीष कुमार


पश्चिमी सिंहभूम, 20 जुलाई (हि.स.)। जिला प्रशासन ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों और अनुकंपा के आधार पर नियुक्त 26 नव-नियुक्त कर्मियों के लिए सोमवार को समाहरणालय सभागार में उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य नव-नियुक्त कर्मियों को सरकारी सेवा की कार्यप्रणाली, दायित्वों और प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी नव-नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति की बधाई देते हुए कहा कि जल्द ही उन्हें विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागों में पदस्थापन के बाद सभी कर्मी अपने वरीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं और विभागीय कार्यों की गहन जानकारी प्राप्त करें, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।

उपायुक्त ने कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा करने का अवसर है।

इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कार्यालय की व्यवस्था, फाइल संचालन, अभिलेख प्रबंधन, लेखा संधारण सहित अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ विकसित करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने नव-नियुक्त कर्मियों को सीखने की निरंतर प्रवृत्ति बनाए रखने, समयबद्ध तरीके से कार्य संपादित करने और सकारात्मक कार्यसंस्कृति अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि एक जिम्मेदार सरकारी कर्मी की पहचान उसके व्यवहार, कार्यकुशलता और जनहित के प्रति समर्पण से होती है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी कर्मी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आम नागरिकों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक