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पश्चिमी सिंहभूम, 20 जुलाई (हि.स.)।
देश की शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर सोमवार को झारखंड पुनरुथान अभियान स्टूडेंट्स विंग के नेतृत्व में टाटा कॉलेज, चाईबासा से कोल्हान प्रमंडल आयुक्त कार्यालय तक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा में हजारों छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न छात्र, युवा एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयुक्त की अनुपस्थिति में राष्ट्रपति के नाम संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन आयुक्त के सचिव को सौंपा गया।
पदयात्रा में एनएसयूआई, झारखंड छात्र मोर्चा, एआईडीएसओ, टाटा कॉलेज एल्युमिनी एसोसिएशन, यूथ इंटक, यूथ कांग्रेस, सेवादल, एससी कांग्रेस, आदिवासी हो समाज सेवानिवृत्त संगठन सहित कई संगठनों की भागीदारी रही।
ज्ञापन में देश की वर्तमान शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और इस्तीफे की मांग का समर्थन किया गया। साथ ही नीट-यूजी पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की मांग की गई। राष्ट्रपति से राष्ट्रीय शिक्षा नीति में आवश्यक संशोधन, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की ओर से स्थापित एसईसीएमओएल की तर्ज पर राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक एवं सामुदायिक शिक्षा मॉडल लागू कराने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत टाटा कॉलेज एल्युमिनी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार पूरती ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर की। पदयात्रा का नेतृत्व झारखंड पुनरुथान अभियान स्टूडेंट्स विंग के मेंटर बासिल हेंब्रम, केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकू, जिला अध्यक्ष समीर हेंब्रम और विभिन्न छात्र संगठनों के नेताओं ने किया।
इस अवसर पर झारखंड पुनरुथान अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु, केंद्रीय महासचिव अमृत मांझी, जिला अध्यक्ष नारायण सिंह पुरती, विकास केराई, विश्वनाथ बोबोंगा, जगदीश चंद्र सिंकु, सुरेश महतो, जूनिता बिरुआ, चंद्रमोहन बिरुवा, सुरेश सवैया, सुरेश सोय, माधव चंद्र कुंकल, रेयांस सामाड, साधु हो,प्रीतम बांकिरा,बिरसा तिरिया, यदुनाथ तीयू सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक