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भुवनेश्वर, 20 जुलाई (हि.स.)। स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के अंतर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं उन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नव-नियुक्त पीजीटी शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए दिशा-निर्देशन कार्यशाला का आयोजन किया गया है। शिरीपुर स्थित आईएमईजी परिसर में आयोजित इस कार्यशाला में संस्कृत और अर्थशास्त्र विषय के 120 पीजीटी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
उद्घाटन सत्र में प्राथमिक शिक्षा निदेशक बालमुकुंद मीणा, यूनिसेफ के फील्ड ऑफिस प्रमुख प्रशांत कुमार दास, उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशक नियति पटनायक, यूनिसेफ की शिक्षा विशेषज्ञ ललिता पटनायक, संयुक्त निदेशक सस्मिता माली, उपनिदेशक सी.एच. विजयलक्ष्मी एवं उपनिदेशक जितेंद्र कुमार नायक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बालमुकुंद मीणा ने शिक्षकों को समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समाज और देश के लिए श्रेष्ठ नागरिकों के निर्माण की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती है, इसलिए छात्रों को सही दिशा-निर्देशन देना उनका कर्तव्य है। वहीं यूनिसेफ के फील्ड ऑफिस प्रमुख प्रशांत कुमार दास ने शिक्षकों को कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपराध से दूर रखने के लिए उचित मार्गदर्शन आवश्यक है।
उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशक नियति पटनायक ने अपने संबोधन में शिक्षकों को कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को छात्रों के समग्र विकास में उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों को दक्ष बनाती हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को भी लाभ मिलता है। संयुक्त निदेशक सस्मिता माली ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यशाला की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन उपनिदेशक सी.एच. विजयलक्ष्मी ने किया, जबकि उपनिदेशक जितेंद्र कुमार नायक ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
गौरतलब है कि यह दिशा-निर्देशन कार्यशाला दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 20 जुलाई से 24 जुलाई तक और दूसरा चरण 27 जुलाई से 31 जुलाई तक आयोजित होगा। पहले चरण में संस्कृत और अर्थशास्त्र विषय के 120 पीजीटी शिक्षक भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं, लैंगिक समानता शिक्षा, आईसीटी के उपयोग, ओडिशा एजुकेशन रूल्स, सैम्स एवं शिक्षा ज्योति पोर्टल, पोस अधिनियम, छात्रवृत्ति, प्रशासनिक जिम्मेदारियां, परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली तथा करियर मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई ।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो