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जगदलपुर,20 जुलाई (हिस)।स्वास्थ्य कर्मचारियों ने राज्य सरकार के ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग निर्णय के विरोध में आंदोलन का एलान कर दिया है। स्वास्थ्य कर्मचारियों के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों की लैब संचालन व्यवस्था केरल की एचएलएल कंपनी को ठेका में सौंपने का फैसला किया है। इसके विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने 22 जुलाई को रैली निकालकर प्रर्दशन करने का ज्ञापन मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से साैंपा गया है।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ बीजापुर के जिलाध्यक्ष सदाशिव दुर्गम ने इस फैसले पर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों का मूल उद्देश्य जनसेवा होता है। निजी कंपनियां केवल व्यवसाय और लाभ कमाने के लिए कार्य करती हैं। उन्हाेने सवाल उठाया कि निजी कंपनियों पर जिला प्रशासन का नियंत्रण कितना प्रभावी होगा। सरकारी कर्मचारी अपने कार्य के प्रति जवाबदेह होते हैं। लापरवाही पर उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्हाेने आशंका जताई कि लैब संचालन के बाद फार्मेसी सेवाओं को भी निजी कंपनियों को सौंपा जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो पैरामेडिकल और फार्मेसी क्षेत्र में रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा। संघ का कहना है कि इस निर्णय से वर्तमान कर्मचारियों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है। स्वास्थ्य विभाग में नियमित भर्तियों को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई है। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी दी है। यदि सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार कर इसे वापस नहीं लेती है। तो आने वाले समय में प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मचारी व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे