जीनोमिक्स शोध से खुलेंगे हृदय रोग उपचार के नए रास्ते, पीयू में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों का व्याख्यान
जौनपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में सोमवार को आयोजित विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों ने जीनोमिक्स, मानव विकास तथा हृदय रोगों से जुड़े नवी
पीयू में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों का व्याख्यान देते हुए डॉ कात्यायनी


जौनपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में सोमवार को आयोजित विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों ने जीनोमिक्स, मानव विकास तथा हृदय रोगों से जुड़े नवीनतम शोध विषयों पर व्याख्यान देकर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक विज्ञान की नई संभावनाओं से परिचित कराया। कार्यक्रम में शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता डॉ. कात्यायनी एस. पाठक, वैज्ञानिक, करोलिंस्का इंस्टीट्यूट (स्वीडन) एवं विजिटिंग रिसर्चर, टार्टू यूनिवर्सिटी (एस्टोनिया) ने कोरोनरी आर्टरी डिजीज में पुरुष एवं महिला के लिए सिंगल-सेल आर एन ए आधारित जेनेटिक विश्लेषण विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि सिंगल-सेल आर एन ए तकनीक हृदय रोगों के आनुवंशिक कारणों को सूक्ष्म स्तर पर समझने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। इससे भविष्य में रोगों की शीघ्र पहचान, सटीक उपचार तथा पर्सनलाइज्ड मेडिसिन को नई दिशा मिलेगी।

द्वितीय वक्ता डॉ. अजय पाठक, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कैथोलिक यूनिवर्सिटी (बेल्जियम) एवं टार्टू यूनिवर्सिटी (एस्टोनिया) ने भारतीय जनसंख्या के माइग्रेशन एवं इवोल्यूशन का मानव जीन पर प्रभाव, जीन-पर्यावरण तथा खान-पान के पारस्परिक संबंधों और विभिन्न रोगों पर उनके प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीनोमिक्स अनुसंधान और आनुवंशिक तकनीकों के माध्यम से रोगों की बेहतर समझ, रोकथाम और उपचार के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने वैज्ञानिकों से विभिन्न विषयों पर जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका दोनों वक्ताओं ने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। कार्यक्रम में डॉ. एस. पी. तिवारी, डॉ. ऋषि श्रीवास्तव एवं प्रो. राजेश शर्मा उपस्थित थे। एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी के छात्र-छात्राओं तथा शोधार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर कार्यक्रम का लाभ उठाया।

इस अवसर पर विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने कहा कि विज्ञान संकाय में भविष्य में भी इस प्रकार के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान, संगोष्ठियां तथा वैज्ञानिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विज्ञान संकाय के विद्यार्थी एवं पूर्व छात्र देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उत्कृष्ट कार्य कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा रहे हैं। उनका अनुभव और मार्गदर्शन वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे अकादमिक आयोजन विज्ञान संकाय को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. एस. पी. तिवारी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव