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अररिया 20 जुलाई(हि.स.)। भारत-नेपाल के बीच सड़क और रेल मार्ग को लेकर पारगमन संधि के तहत बथनाहा-विराटनगर अंतर्राष्ट्रीय रेल मार्ग में कार्गो ट्रेन सोमवार को पहली बार विराटनगर कस्टम यार्ड तक पहुंची,जबकि तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल उर्फ प्रचंड ने संयुक्त रूप से दिल्ली से इस परियोजना का उद्घाटन किया था।कोलकाता बंदरगाह से विराटनगर के कस्टम यार्ड तक कार्गो रेल सेवा पहुँचने पर विराटनगर कस्टम यार्ड में बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे और सबों ने इसका स्वागत किया।
भारत और नेपाल के बीच कार्गो रेल सेवा के संचालन से तीसरे देश से आयात होने वाले सामग्री नेपाल तक भारतीय रेल सहजतापूर्वक सुरक्षित और कम लागत में पहुंचाने में सक्षम होगा।इस रेल सेवा के विस्तार से पूर्वी नेपाल के औद्योगीकरण के साथ आयातकर्ता को भी बड़ी राहत मिलेगी।उद्योगपतियों और आयातकर्ताओं को परिवहन शुल्क में काफी कमी आएगी।
शुक्रवार के मध्य रात्रि को कोलकाता से प्रस्थान कार्गो रेल नेपाल के स्वास्तिक ऑयल इंडस्ट्रीज के लिए तीसरे देश से आयात किए गए कच्चा पदार्थ 40 कंटेनर में सुरक्षित नेपाल तक पहुंचने में सफल रहा।सुरक्षित रूप से आयात को लेकर इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम से कार्गो ट्रेन को जोड़ा गया है,जिससे ट्रेन के निर्धारित स्थानों पर पहुंचने की सही जानकारी ट्रैकिंग के माध्यम से होती है।
उल्लेखनीय हो कि बथनाहा से विराटनगर बुधनगर, नेपाल के बीच 8 किलोमीटर लंबी क्रॉस-बॉर्डर कार्गो रेल लाइन का उद्घाटन 1 जून 2023 को हुआ था। इसे नई दिल्ली से नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल 'प्रचण्ड' और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर शुरू किया था।
नेपाल वाणिज्य दूतावास के महावाणिज्यदूत झक्क प्रसाद आचार्य ने बताया कि यह सुविधा दोनों देश के वरीय अधिकारी के समन्वय मे प्रारम्भ हुआ।यह सेवा चालू होने से कोलकाता से 24 घंटे के अंदर नेपाल कस्टम यार्ड तक सभी प्रकार के कच्चा माल पहुंच जायेगा,जिससे लागत व समय दोनों की बचत होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर