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शिमला, 20 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों के लिए पिछली भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार को सत्ता संभालने के समय भारी कर्ज और कर्मचारियों की बड़ी वित्तीय देनदारियां विरासत में मिली थीं।
विनय कुमार ने सोमवार को शिमला में कहा कि प्रदेश पर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है और कर्मचारियों की 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय देनदारियां भी पिछली सरकार के कार्यकाल की हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद मौजूदा राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियां निभा रही है और कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों का चरणबद्ध तरीके से समाधान कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार कर्मचारियों की लंबित देनदारियों का भुगतान कर रही है और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ भी दिया जा रहा है। उनके अनुसार सरकार सीमित वित्तीय संसाधनों के बीच भी अपने वादों को पूरा करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को आर्थिक सहायता दिए जाने के भाजपा के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को कोई विशेष आर्थिक मदद नहीं दी है। उनका कहना था कि पिछले वर्ष आपदा राहत के लिए घोषित 1,500 करोड़ रुपये भी अब तक राज्य को नहीं मिले हैं।
विनय कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल का राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद कर दिया, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश को नुकसान हुआ है और भाजपा को इस मुद्दे पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार यह दावा करती है कि केंद्र सरकार हिमाचल की हर संभव मदद कर रही है, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है। उनके अनुसार प्रदेश सरकार उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है और वित्तीय चुनौतियों के बीच विकास कार्यों तथा कर्मचारियों से जुड़े मामलों को आगे बढ़ा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा